ये है मामला
एंटी करप्शन टीम ने दावा किया था कि पिपलिया निवासी जीशान के चाचा व भाई पर दर्ज मारपीट के मामले को रफा-दफा करने के नाम पर दीपचंद पचास हजार रुपये की रकम मांग रहा था। परेशान जीशान ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की तो प्रारंभिक जांच के बाद उसे केमिकल लगे नोट दिए गए। यही नोट जीशान से लेकर दरोगा ने अपनी मेज की दराज में रख लिए। छह जनवरी को एंटी करप्शन टीम चौकी में घुसी और वही नोट बरामद कराकर दरोगा के हाथ धुलवाए तो वह गुलाबी हो गए थे।