बरेली। सोमवार को विश्वविद्यालय में कार्य परिषद की बैठक हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के करीब 21 शिक्षकों के प्रमोशन के लिफाफे खोले गए। इस दौरान इन टीचरों का प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और रीडर पदों पर प्रमोशन किया गया। बैठक में कुलपति के एक प्रतिनिधि का भी चुनाव किया जाना था। बैठक में सभी सदस्यों ने कुलपति को ही इसके लिए नामित कर दिया। बैठक के इस निर्णय के बाद अब कुलपति जिसे चाहेंगे उसे नामित कर राज्यपाल को भेज देंगे।
बैठक मेें डॉ. सुमित्रा कुकरेती, डॉ. रज्जन कुमार, डॉ. केके माहेश्वरी, डॉ. शोभना सिंह, डॉ. एसएस बेदी, डॉ. विनय ऋषिवाल, डॉ. अर्चना गुप्ता, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. सलीम खान, डॉ. आशा चौबे, डॉ. निवेदिता श्रीवास्तव, डॉ. मनीष राय को प्रोफेसर पद पर पदोन्नति दी गई है। वहीं डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. ओपी उपाध्याय, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. रीना पंथ, डॉ. राकेश मौर्या, डॉ. आशीष जैन, डॉ. प्रमिंद्र कुमार को एसो. प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति दी गई है। वहीं डॉ. एके सिंह व डॉ. अनीता त्यागी को रीडर के पद पर पदोन्नति दी गई है।
बैठक में कुलपति अनिल शुक्ला के प्रतिनिधि का भी चयन किया जाना था। दरअसल, वर्तमान कुलपति डॉ. अनिल शुक्ला तीन महीने बाद रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में शासन के निर्देशानुसार कार्य परिषद की बैठक बुलाकर किसी एक व्यक्ति को कुलपति पद के लिए नामित करना होता है। इस नाम को बाद में कुलपति स्वयं राज्यपाल को भेजते हैं। पर बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत से कुलपति का प्रतिनिधि कुलपति को ही चुन लिया। अब कुलपति जिसे चाहें उसे नामित कर राज्यपाल को उसका नाम भेज सकते हैं।