ई-वे बिल पर सख्ती के दौरान भी बढ़ी कीमत
बीते वर्ष पान मसाला फैक्टरियों से ई-वे बिल के बगैर निकलने वाले ट्रकों की निगरानी बढ़ाई गई तो बरेली में पान मसाले की आपूर्ति थम गई थी। उस दौरान भी मुनाफाखोर सक्रिय रहे और करीब दस दिन तक ग्राहकों से बढ़ी कीमत वसूल की गई। अब छापा पड़ने के बाद एक बार फिर पान मसाले की आपूर्ति कम होने की बात कही जा रही है। जिनके पास स्टॉक है, वे महंगी कीमत वसूल रहे हैं।
कीमतें नहीं बढ़ीं, मौकापरस्त लोग कर रहे खेल
पान मसाला कारोबारी अमित भारद्वाज के मुताबिक, छापा के बाद कारोबार प्रभावित हुआ है पर पान मसाले की कीमत में कोई बदलाव नहीं है। कुछ मौकापरस्त कारोबारी और विक्रेता मुनाफाखोरी कर रहे हैं जो सही नहीं। हालांकि, दूसरी ओर चर्चा है कि छापे के बाद डीलरों ने ही माल का स्टॉक कर लिया है। आपूर्ति प्रभावित होने की बात कहकर महंगी कीमतों पर होलसेलर को उत्पाद बेच रहे हैं।