उद्यमियों ने एक सुर से कहा है कि खराब कानून व्यवस्था और अनापशनाप टैक्स से यूपी में कारोबार करना आसान नहीं है। पिछले एक दशक में कई उद्योगों पर ताले लग चुके हैं। महंगी बिजली सप्लाई से उत्पादन लागत भी बढ़ती जा रही है।
परसाखेड़ा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में उद्यमियों ने कार्यक्रम आयोजित किया, मुख्य अतिथि विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन देश दीपक वर्मा रहे। यूपी में औद्योगिक माहौल पर बोलते हुए उद्यमियों ने कहा कि अब नए उद्योग लगाना कठिन हो गया है। अनापशनाप बिजली दरें, टैक्स, विभिन्न विभागों का असहयोग और खराब कानून व्यवस्था मुसीबत बन रहे हैं। बरेली और आसपास इलाकों में विमको, रबड़ फैक्ट्री समेत कई बड़े उद्योग बंद हो चुके हैं।
आयोग के चेयरमैन वर्मा ने उद्यमियों की समस्याएं सुनी और निदान कराने का वादा किया। कहा कि अगले वर्ष जीएसटी आ रहा है, इससे टैक्स संबंधी समस्याएं हल होंगी। बिजली की कीमतें लाइन लास कम होने पर नीचे आ सकती हैं। इसके लिए बिजली विभाग पर लगाम कसी जा रही है। इंडस्ट्रियल एरिया में चेयरमैन ने सपत्नीक पौधारोपण किया। इस मौके पर बीएल एग्रो चेयरपर्सन रागिनी खंडेलवाल, आशीष खंडेलवाल, चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल, चैंबर आफ कामर्स अध्यक्ष घनश्याम खंडेलवाल, सचिव बिमल रेवाड़ी, अनुपम कपूर, सुरेश सुंदरानी, सतीश अग्रवाल, मनोहर लाल धीरवानी, डा. लतिका, अतुल अग्रवाल, मंजू गोयल, विनोद ग्रोवर, श्रीमती कटरू, मुकेश गुप्ता, प्रेम बाबू शर्मा ने भाग लिया।