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UP Nikay Chunav 2023: अब तक मतदाता, अब दावेदारों को बेचैन करेंगी बरेली शहर की समस्याएं

Thu, 13 Apr 2023 02:06 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली शहर में पांच साल तक अब तक जिन समस्याओं से मतदाता जूझते चले आ रहे हैं, अब वही समस्याएं प्रत्याशियों को बेचैन करेंगी। क्योंकि शहर के कई इलाके अब भी विकास से अछूते होने के कारण यहां के लोगों के मन में टीस है।
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मॉडल टाउन में बदहाल रोड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पांच साल के लिए शहर की सरकार चुने जाने की प्रक्रिया चल रही है। राजनीतिक दल प्रत्याशी तय करने में जुट गए हैं। वहीं दूसरी ओर अब तक शहर की जो समस्याएं मतदाताओं को बेचैन कर रही थीं, अब प्रत्याशियों के सामने उठेंगी। विरोधियों के साथ ही उनको चोक नालों, बारिश में जलभराव, आवारा कुत्तों और छुट्टा पशुओं की समस्या से भी पार पाने की चुनौती होगी। शहर के कई इलाके अब भी विकास से अछूते होने के कारण यहां के लोगों के मन में टीस है।

मामूली बारिश में ही घरों में घुस जाता है नालों का पानी

शहर का मॉडल टाउन पॉश इलाकों में शामिल है। इसके बाद भी जलभराव की वर्षों पुरानी समस्या दूर नहीं हो सकी। मामूली बारिश में ही कई इलाकों के घरों में नालों का पानी घुस जाता है। चोक नाले और टूटी सड़कें भी इलाके के लोगों के लिए नासूर बनी हुई हैं। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। लोगों को उम्मीद है कि शहर की नई सरकार बनने पर शायद कुछ सुधार हो।

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वार्ड नंबर आठ- मॉडल टाउन
- आबादी: 11938
- प्रमुख इलाके: एकता नगर, नरकुलागंज, मॉडल टाउन, स्पोर्ट्स स्टेडियम।
- प्रमुख समस्याएं: बारिश में जलभराव, टूटी सड़कें और चोक नाले।

स्थानीय निवासी मनोज ने बताया कि मॉडल टाउन, एकता नगर और नरकुलागंज में चोक नाले बड़ी समस्या हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान तो चलाया जाता है, लेकिन मॉडल टाउन की सड़कों की दशा नहीं सुधरती। मामूली बारिश में घरों में पानी घुस जाता है। 

किला छावनी: नालियां चोक और सड़कें खराब 

किला छावनी इलाके की सड़कों की दशा कभी ठीक ही नहीं हो सकी। नालों की सफाई को लेकर भी ध्यान नहीं दिया गया। छोटी नालियां तक चोक हैं। इस कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। कई इलाकों में पथ प्रकाश व्यवस्था का भी बुरा हाल है। पांच साल के दौरान किला छावनी इलाके में जितने काम होने थे, उतने नहीं हुए। यहां के लोगों को भी शहर की नई सरकार से उम्मीदें हैं।

वार्ड नंबर 47- किला छावनी
आबादी- 10738
प्रमुख इलाके- किला छावनी, आनंद विहार कॉलानी, साहू धर्मशाला।
प्रमुख समस्याएं- मच्छरों का प्रकोप, खराब सड़कें और चोक नाले।

नदीम ने बताया कि किला छावनी में खराब सड़कों और चोक नालों की समस्या कभी दूर नहीं हुई। सड़कों पर कीचड़ और जलभराव के कारण समस्या होती है। कई इलाकों में कूड़ा भी समय से नहीं उठता। गर्मियों में मच्छरों का प्रकोप रहता है।

स्वाले नगर: आवारा कुत्ते और छुट्टा जानवर बढ़ा रहे परेशानी

आवारा कुत्ते और छुट्टा पशु स्वाले नगर के लोगों के लिए परेशानी का सबब रहे हैं। गली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों के झुंड हैं। कई बार यह हमला कर लोगों को घायल कर देते हैं। दूसरी ओर छुट्टा जानवरों के कारण भी हादसों का खतरा बना रहता है। कई-कई दिन कूड़ा नहीं उठता। नाले और नालियां चोक हैं। शिकायतें के बाद भी समस्याओं के निस्तारण को लेकर कार्रवाई नहीं की जाती।

वार्ड नंबर 30- स्वाले नगर
आबादी- 9710
प्रमुख इलाके- सराय तल्फी, एडतमाली, चंदन नगर, जसौली।
प्रमुख समस्याएं- आवारा कुत्तों व छुट्टा पशुओं का आतंक।

शावेज अली ने कहा कि जसौली और सराय तल्फी में सबसे ज्यादा समस्याएं हैं। छुट्टा पशुओं और आवारा कुत्तों केे झुंड भी लोगों की समस्याओं को बढ़ा रहे हैं। नाले चोक होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की समस्या से मच्छरों का प्रकोप रहता है। 

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कुंवरपुर: काफी समय से खराब पड़ी हैं स्ट्रीट लाइट

कुंवरपुर के कई इलाकों में काफी समय से स्ट्रीट लाइटें खराब होने से पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। नाले चोक हैं और मच्छरों का प्रकोप बना रहता है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। कई स्थानों पर पांच साल में सड़कों के गड्ढे भरने तक का काम नहीं हुआ। स्ट्रीट लाइटों की समस्या को लेकर इलाके के लोगों ने कई बार शिकायत भी की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

वार्ड नंबर 56- कुंवरपुर
आबादी- 9629
प्रमुख इलाके- जसौली, कुंवरपुर, मलूकपुर।
प्रमुख समस्याएं- टूटी सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइटें।

मनोज गुप्ता ने कहा कि स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, नाले चोक हैं और कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। सड़कों पर गड्ढे हैं। मच्छरजनित बीमारियों के सीजन में फॉगिंग तक नहीं कराई जाती। समस्याओं की अनदेखी हो रही है। 
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