बहेड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर तैनात एक लैब तकनीशियन (एलटी) प्राइवेट लैब संचालित कर रहा है। मामले की शिकायत सांसद वरुण गांधी से की गई है।
आरोप है कि सीएचसी पर जांच कराने आने वाले मरीजों को वह अपनी लैब में जांच कराने के लिए भेजता है। अगर कोई मरीज प्राइवेट लैब में जाने से मना करता है तो उसे धमकाया जाता है। मजबूरी में कई मरीजों को महंगी जांच करानी पड़ रही है। शिकायतकर्ता ने बताया कि सरकारी कर्मचारी होने के बाद भी प्राइवेट लैब जाना गलत है।
मामले में सांसद के प्रतिनिधि दीपक कुमार ने डीएम और सीएमओ को कॉल कर मामले की जांच कराने के लिए कहा है। शिकायत के बाद आरोपी ने लैब भी बंद कर दी है। शिकायतकर्ता ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अव्यवस्थाएं हावी हैं। कोई अपने पिता की जगह नौकरी कर रहा है तो सफाई कर्मचारी की तैनात इमरजेंसी वार्ड में कर दी गई है।
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सीएचसी प्रभारी की शिकायत प्रधानमंत्री से
बहेड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्टाफ नर्स और सीएचसी प्रभारी के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। सीएचसी प्रभारी पर आरोप लगाते हुए स्टाफ नर्स ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्रालय और सीएमओ से शिकायत की है।
स्टाफ नर्स ने बताया कि सीएचसी प्रभारी डॉ. रोहम उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। 29 अगस्त की शाम अस्पताल बंद होने के बाद उन्होंने 30 हजार रुपये की मांग की। मना करने पर गालीगलौज की। कुर्सी उठाकर मारने की कोशिश की। किसी तरह से उसने खुद को बचाया। स्टाफ नर्स ने बताया कि सीएचसी प्रभारी भ्रष्टाचार का खेल उजागर करने से उससे गुस्साए हुए है। उसने एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसके वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। मना करने पर वह हत्या की धमकी दे रह हैं।