एक अप्रैल से लगेगी 45 साल से ज्यादा उम्र वालों को वैक्सीन, तैयारी पूरी
बरेली। कोविड टीकाकरण अभियान में फिर एक बार निजी अस्पतालों पर सवाल उठे हैं। तमाम जिलों के निजी अस्पतालों में टीकाकरण के बाद प्रमाण पत्र न दिए जाने या उनकी एवज में पैसे मांगने की शिकायत मिली हैं। शासन ने इस पर नाराजगी जताते हुए ऐसे मामलों में कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने पहली अप्रैल से 45 से ऊपर उम्र के लोगों का टीकाकरण करने की तैयारी पूरी कर ली है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के तहत कोरोना का पहला टीका लगने के समय ही अस्पताल से प्रमाण पत्र दिया जाना चाहिए। शासन ने साफ किया है कि प्रमाणपत्र की हार्ड कॉपी या ऑनलाइन पीडीएफ निशुल्क ली जा सकती है। अगर कोई अस्पताल निशुल्क प्रमाणपत्र देने में आनाकानी करता है तो इसकी शिकायत टोल फ्री नंबर 1075 पर की जा सकती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि शासन से जारी नई गाइड लाइन के तहत एक अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों का टीका लगाया जाएगा। इस आयु वर्ग के लोग कोविन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण न करा पाने पर टीकाकरण केंद्र पर तत्काल पंजीकरण कराकर भी कोरोना का टीका लगवाया जा सकता है। उन्हें टीकाकरण का प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा ।
प्रमाण पत्र के आधार पर ही दी जाएगी दूसरी डोज
डॉ. सिंह ने बताया कि प्रत्येक लाभार्थी को प्रमाणपत्र जरूर लेना है क्योंकि इस पर टीकाकरण की तिथि और वैक्सीन का नाम लिखा होता है, इसी आधार पर टीके की दूसरी डोज लगेगी। प्रमाण पत्र निशुल्क दिए जाने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि कोविशील्ड वैक्सीन के लिए दो डोज के बीच का अंतराल जो पहले चार से छह हफ्ते था, अब बढ़ाकर छह से आठ हफ्तों के बीच कर दिया गया है। एक डोज लगवा चुके लोग अब नई गाइडलाइन के मुताबिक ही दूसरी डोज लगवाने केंद्र पर पहुंचें।
करीब 19 फीसदी लोग प्रतिरक्षित
कोविड टीकाक रण में शुक्रवार को ग्रामीण और शहर के निजी और सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर 26200 लोगों को प्रतिरक्षित करने का लक्ष्य था मगर 4945 लोगों ने ही कोविड वैक्सीन लगवाई जो लक्ष्य के सापेक्ष 18.87 फीसदी रहा। 4865 लोगों को कोविशील्ड और 80 लोगों को कोवाक्सीन की डोज लगाई गई है।