बरेली। सथरापुर स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन निजी कंपनी करेगी। नगर निगम ने इसकी फाइनेंशियल बिड खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। प्लांट का संचालन शुरू होने से शहर को कूड़े से निजात मिलने के आसार हैं। वहीं, प्लांट में कूड़े से बिजली और तेल बनाने की कवायद भी तेज होगी।
रजऊ परसपुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बंद होने के बाद नगर निगम ने सथरापुर गांव में दूसरा प्लांट लगाया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद टेंडर प्रक्रिया हुई थी। इसमें पांच कंपनियों ने भाग लिया था। इसके बाद टेक्निकल बिड खोली गई। अब फाइनेंशियल बिड खोली जानी है। अधिकारियों ने इसकी कोई तारीख नहीं बताई है, पर माना जा रहा है कि एक-दो सप्ताह में बिड खुल जाएगी।
रजऊ प्लांट पर हुई थी सियासत
रजऊ परसपुर में लगे प्लांट को लेकर सियासत हुई थी। दरअसल, रजऊ में प्लांट लगने से त्रिशूल एयरबेस की उड़ानों पर खतरा न होने की शर्त पर केंद्र सरकार की ओर से एनओसी दी गई थी। वर्ष 2005 से चली कवायद के बाद 2013 में इसका संचालन खामियों और गड़बड़ियों के बीच चला। बाद में राष्ट्रीय हरित अधिकरण तक मामला पहुंचा तो प्लांट को बंद कर दिया गया।
13.86 करोड़ की लागत से लगाया गया था प्लांट
वर्ष 2005-06 में प्लांट के लिए 13.86 करोड़ रुपये बजट जारी हुआ था। वर्ष 2010 में प्लांट तैयार हुआ। उद्घाटन के बाद 2013 में प्लांट में कूड़े के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हुई थी। बंद होने के बाद सथरापुर में जमीन तलाशकर इसको शिफ्ट कर दिया गया।
वर्जन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की फाइनेंशियल बिड खोलने की तैयारी है। प्लांट की शुरुआत होने से शहर को काफी हद तक कूड़े से निजात मिलेगी। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त