बरेली। सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 45 वर्षीय कैदी सुनील की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। उसके फेफड़ों और गुर्दे में संक्रमण था। सूचना पर परिवार वालों ने आने से इनकार किया तो जेल प्रशासन ने ही अंतिम संस्कार कराया।
शाहजहांपुर के तिलहर नगर निवासी सुनील कुमार 23 साल से सेंट्रल जेल में बंद था। उसे अपनी ताई की हत्या के मामले में आजीवन कारावास हुआ था। सप्ताह भर पहले तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार रात करीब ढाई बजे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद जेल के सिपाही सज्जन सिंह ने बताया कि सुनील के परिवार वालों को उसकी मौत की सूचना दी गई थी। उसके पिता ओमप्रकाश की मौत हो चुकी है और मां केतुका चलने-फिरने, सुनने में असमर्थ हैं। अन्य परिवार वालों ने शव लेने के लिए आने से इनकार कर दिया। लिहाजा वह शव अपनी सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार कराएगा। सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आरएन पांडेय ने बताया कि उसे फेफड़े और गुर्दे की बीमारी थी।