भुता में रिश्तेदार के यहां पहुंचे थे आरोपी, पुलिस के पहुंचने से पहले भाग निकले
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पुलिस ने रिश्तेेदार हिरासत में लिए, गिरफ्तारी न होने से प्रधान के समर्थकों में आक्रोश
बरेली। परगवां के प्रधान की हत्या का मुख्य आरोपी मोहर सिंह काफी शातिर है। अपने खेत में जुआ का विरोध करने पर वह पहले बिथरी चैनपुर में भी एक हत्या कर चुका है। शनिवार को वह भुता में एक रिश्तेदार के यहां पहुंचा तो पुलिस ने दबिश दी, लेकिन उससे पहले ही भाग गया।
कैंट के गांव परगवां निवासी नवनिर्वाचित प्रधान इश्हाक की बृहस्पतिवार शाम ताबड़तोड़ फायरिंग करके हत्या कर दी गई थी। इस मामले में इश्हाक की बहन शीवा रानी ने परगवां निवासी पूर्व प्रधान मोहर सिंह, उसके बेटा अनुराग, दामाद भुता के गांव सिंघाई निवासी भगवत पटेल, पूर्व प्रधान रतन लाल और उसके बेटे राहुल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रतन लाल और उसका बेटा राहुल पुलिस की हिरासत में हैं, मगर मोहर सिंह, उसका बेटा और दामाद अभी पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहे हैं। शनिवार शाम उनके भुता की एक रिश्तेदारी में पहुंचने की सूचना मिली तो पुलिस ने वहां दबिश दी, मगर पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने उनके रिश्तेदार को हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से इश्हाक के परिवार वालों और समर्थकों में आक्रोश है।
मोहर सिंह का आपराधिक इतिहास आया सामने
कैंट इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि 23 मई 2009 को बिथरी चैनपुर के गांव शंकरपुर निवासी रणधीर सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मोहर सिंह समेत पांच लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। बिथरी पुलिस की जांच में सामने आया था कि रणधीर सिंह के खेत में मोहर सिंह अक्सर जुआ का अड्डा लगाता था। उन्होंने इसका विरोध करने के साथ ही पुलिस में शिकायत कर दी तो इसी तरह ताबड़तोड़ फायरिंग कर इन लोगों ने रणधीर की हत्या कर दी। रणधीर को तीन गोलियां मारी गई थीं। इसके अलावा वर्ष 2001 में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी है। इसके अलावा पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने के आरोप में भी उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।