दामाद और बेटे की गिरफ्तारी में लगी पुलिस, दोनों पर है 25-25 हजार का इनाम
बरेली। चुनाव में करीब 20 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद मिली हार से मोहर सिंह बौखलाया हुआ था। उसने एक महिला को प्रधान इश्हाक की मुखबिरी के लिए लगाया था। प्रधान के घर से बाहर आने की सूचना मिलने पर उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
20 मई की शाम कैंट के गांव परगवां निवासी नव निर्वाचित प्रधान इश्हाक और उनकी पत्नी शकीना पर कांधरपुर से लौटने के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई थी। फायरिंग में इश्हाक की मौके पर ही मौत हो गई और उनकी पत्नी शकीना घायल हो गईं थीं। इश्हाक की बहन शीवा रानी ने इस मामले में परगवां निवासी पूर्व प्रधान मोहर सिंह, उसका बेटा अनुराग, दामाद भुता के गांव सिंघाई निवासी भगवत पटेल, पूर्व प्रधान रतन लाल और उसके बेटे राहुल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने घटना की रात ही रतन लाल और राहुल को हिरासत में ले लिया। सोमवार को एक विधायक के जरिये मोहर सिंह भी पुलिस की पकड़ में आ गया और अब पूछताछ कर उसके बेटे और दामाद की गिरफ्तारी का प्रयास हो रहा है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि प्रधानी की चुनाव में मोहर सिंह ने 20 लाख से ज्यादा रुपये खर्च कर दिए थे। फिर भी हार जाने की वजह से वह बौखलाया हुआ था। इसके अलावा चुनाव से पहले इश्हाक पक्ष के मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश में नाकाम होने के साथ ही उस पर मुकदमा भी दर्ज हो गया था। वह जब रास्ते से गुजरता था तो इश्हाक समर्थक उसे देखकर हंसते थे। इसी कारण उसने इश्हाक को रास्ते से हटाने की हटाने ठान ली। दामाद के जरिये उसने कुछ अन्य लोगों से संपर्क किया और इश्हाक की हत्या का मौका तलाशने लगा। इश्हाक की मुखबिरी के लिए उसने अपनी करीबी एक महिला को लगाया, जो उनके घर के पास ही रहती थी। घटना वाले दिन महिला ने इश्हाक के घर से निकलने की मुखबिरी की और फिर मोहर ने इश्हाक की हत्या करा दी। हालांकि अभी उसने खुद हत्या करने की बात स्वीकार नहीं की है, जबकि इश्हाक की पत्नी शकीना ने उसे अपनी आंखों से देखने की बात कही है। पुलिस ने मुखबिरी करने वाली महिला को भी हिरासत में ले लिया है। महिला का कहना है कि उसे यह अंदाजा नहीं था कि प्रधान की हत्या हो जाएगी।
‘मोहर सिंह से पूछताछ की जा रही है। उसके दामाद और बेटे के बारे में कुछ सुराग लगा है, गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।’- रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी