बरेली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में करीब 80 हजार किसानों के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां मिली थीं। डीएम ने लेखपालों की टीमों के माध्यम से अभियान चलाकर करीब 37 हजार डाटा को ठीक करा लिया है। प्रशासन का दावा है कि 3.54 लाख किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की पहली किस्त भी जारी हो गई है। शासन के आदेश के बाद अब प्रशासन, कृषि विभाग और बैंकों को संयुक्त प्रयास से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और किसान सम्मान निधि में चयनित किसानों की संख्या के अंतर को दूर करना है। डीएम ने सोमवार को पत्रकार वार्ता कर इसकी प्लानिंग के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी।
डीएम नितीश कुमार ने किसान सम्मान निधि और केसीसी को लेकर बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय चाहता है कि किसान सम्मान निधि में चयनित किसानों को 22 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि किसानों को केवल चार प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि कार्य के लिए सस्ता लोन दिलाया जा सके। डीएम ने बताया कि पीएम किसान पोर्टल पर 3.86 लाख किसानों में से 3.55 लाख को किसान सम्मान निधि की पहली किस्त जारी हो चुकी है, जबकि बरेली जिले में 2.74 लाख किसान केसीसी होल्डर हैं। डीएम ने बताया कि किसान सम्मान निधि के चयनित उन किसानों को केसीसी का लाभ दिया जाना है, जो अभी इस स्कीम से बाहर हैं। जिन किसानों के पास पहले से केसीसी हैं, उनकी ऋण सीमा में बढ़ोत्तरी की जाएगी। तीन लाख के ऋण तक बैंक किसानों से कोई शुल्क नहीं लेगी। इस मौके पर डीडी कृषि अशोक कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
मछली और पशुपालकों को मिलेगा केसीसी का फायदा
प्रेसवार्ता में केसीसी के लाभ से वंचित किसानों को बैंकों में सस्ते ऋण कि सुविधा के लिए खतौनी और बोई जाने वाली फसल का रिकॉर्ड देना होगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के कुशल गर्ग ने बताया कि फसल ही नहीं मछली पालन और पशुपालन करने वालों को भी केसीसी के माध्यम से केवल चार प्रतिशत ब्याजदर पर ऋण का फायदा मिलेगा।