घटना में प्रयुक्त बाइक और तमंचे बरामद, दोनों 25-25 हजार के हैं इनामी
पहली गोली लोकेश ने चलाई, फिर राहुल, भगवत और मोहर सिंह ने की फायरिंग
बरेली। परगवां के प्रधान इश्हाक की हत्या में वांछित लाल फाटक निवासी राहुल उर्फ धीरू और लोकेश को भी कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाइक और दो तमंचे बरामद हुए हैं।
कैंट इंस्पेक्टर राजीव सिंह के मुताबिक राहुल और लोकेश को सेटेलाइट चौराहे से गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ में सामने आया है कि इश्हाक पर पहली गोली लोकेश ने चलाई थी और जब वह भागने लगे तो राहुल, मोहर सिंह आदि ने उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद वे दोनों बाइक से घटनास्थल से भाग निकले थे।
रतनलाल भी कराना चाहता था हत्या
राहुल ने पुलिस को बताया कि चुनाव हारने के बाद एक बार रतनलाल ने भी उससे संपर्क किया था और इश्हाक की हत्या कराने की बात कही थी, लेकिन उसने इनकार कर दिया था। कैंट इंस्पेक्टर ने बताया कि इस हत्याकांड में रतनलाल और उसके बेटे राहुल की भूमिका की जांच की जा रही है। इश्हाक के घर से निकलने की मुखबिरी करने वाली महिला आशिया को षड्यंत्र रचने का दोषी पाया गया है। वहीं मोहर सिंह, उसके दामाद भगवत और बेटे अनुराग पटेल को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
20 मई को हुई थी प्रधान की हत्या
कैंट के गांव परगवां निवासी नवनिर्वाचित प्रधान इश्हाक की 20 मई की शाम ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। हमले में इश्हाक की पत्नी शकीना भी घायल हुईं थीं। मामले में इश्हाक की बहन शीवा रानी ने पूर्व प्रधान मोहर सिंह, उसके बेटे अनुुराग, दामाद भगवत पटेल, पूर्व प्रधान रतनलाल और उसके बेटे राहुल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोहर सिंह और भगवत की गिरफ्तारी के बाद मामले में लोकेश का नाम प्रकाश में आया था।