बरेली। त्योहारी सीजन में मेवे की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बीते दिनों हजार रुपये प्रति किलो से ज्यादा भाव पर बिक रहा मखाना अब सस्ता हुआ है। छुआरा और लौंग की कीमत में तेजी आई है। चीनी दो रुपये प्रति किलो सस्ती हुई है।
श्यामगंज के किराना कारोबारी मनोज मूलचंदानी के मुताबिक, जुलाई-अगस्त में मखाना की कीमत कम होने की वजह सीजन का बदलाव है। इस समय मखाना निकलना शुरू होता है। व्यापारी पुराने स्टॉक को निकालने के लिए कीमतें कम रखते हैं। अगस्त और सितंबर तक कीमत कम रहने के आसार हैं। जब नया मखाना बाजार में आता है तो व्यापारी इसका निर्यात करने और और फूड प्रोसेसिंग कंपनियां नमकीन व अन्य उत्पाद बनाने के लिए इसे स्टोर करने लगती हैं। बाजार में मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल शुरू होता है।
बीते दिनों एक हजार रुपये प्रति किलो बिक रहा मखाना अब 800-850 रुपये में बिक रहा है। कारोबारी हार्दिक अरोड़ा के मुताबिक, छुआरा जो 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब वह दो सौ रुपये किलो पर है। लौंग का भाव भी नौ सौ से बढ़कर हजार रुपये प्रति किलो हो गया है। काजू, किशमिश स्थिर हैं।