कोयला दोगुना, डेढ़ गुना हुए जलौनी के भाव
बरेली ईंट भट्ठा एसोसिएशन के लीगल एडवाइजर एडवोकेट मोहम्मद यूसुफ खान के मुताबिक, कोयले का रेट 15 हजार से बढ़कर भाड़े के साथ 28 हजार रुपये प्रति टन पहुंच गया है। आपूर्ति सीमित होने से जलौनी लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके भाव भी 500 से बढ़कर आठ सौ रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गए हैं। इससे प्रति हजार ईंट के भाव पांच हजार से बढ़कर छह हजार के पार पहुंच गए हैं। मजदूर भी घर लौटने लगे हैं। 15 फरवरी से 15 जून तक भट्ठों में भराई होती है। इस बार जिले के तीन सौ भट्ठों में से कई संचालक भराई नहीं करा रहे। हालात न सुधरे तो माह भर में ही भाव सात हजार तक पहुंच सकता है।
थिनर, तारपीन 22 फीसदी महंगे
पेंट कारोबारी मुकुल मित्तल के मुताबिक, डिमांड और सप्लाई का गैप बढ़ने से सप्लायरों ने रेट बढ़ा दिए हैं। तारपीन, थिनर जैसे केमिकल व पेंट आदि पेट्रोलियम उत्पाद, वुड पॉलिश सभी के दाम बढ़े हैं। जुबिलिएंट ग्रुप के उत्पादों में 17 से 22 फीसदी तक इजाफा हुआ है। एशियन, नेरोलैक पेंट ने कीमत तो नहीं बढ़ाई, लेकिन डिस्काउंट बंद कर दिया है।
20 दिन में 15 फीसदी बढ़ी टाइल्स की चमक
टाइल्स कारोबारी धीरज कुमार अग्रवाल के मुताबिक, इंडस्ट्रियल गैस आपूर्ति की किल्लत से 20 दिन में टाइल्स के भाव में 15 फीसदी तक इजाफा हुआ है। एक टन माल का भाड़ा 31 सौ से 34 सौ रुपये हो गया है। कंपनियों ने अप्रैल के पहले सप्ताह में ही भाव और बढ़ने के संकेत दिए हैं। सरिया कारोबारी हर्षित ने भी कीमतों में आठ फीसदी बढ़त की बात कही है। लोहा 60 रुपये प्रति किलो था जो अब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसमें भाड़ा अतिरिक्त है।