अभी सेटेलाइट बस अड्डे और पांच जगह रेड लाइट पर रुकते हैं वाहन
पीलीभीत बाइपास पर सेटेलाइट बस अड्डे से बड़ा बाइपास के बीच की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। अभी बड़ा बाइपास तक की दूरी तय करने में करीब 45 मिनट का समय लगता है। इस बीच सेटेलाइट बस अड्डे पर सबसे ज्यादा जाम की समस्या रहती है।
रोडवेज बसों और ऑटो-ई-रिक्शा के बेतरतीब खड़े होने से भीषण गर्मी में राहगीर बेहाल हो जाते हैं। यहां से आगे बढ़ने पर बीसलपुर चौराहा, डोहरा, सुरेश शर्मा नगर, सौ फुटा टी प्वाइंट और आदिनाथ चौक पर वाहनों को रोकना पड़ता है। स्कूल की छुट्टी के समय तो वाहनों का चौराहा पार करना मुश्किल होता है।
शहर में पहली बार बनेगा आठ लेन का पुल
शहर में अभी 10 स्थानों किला, चौपुला, सेटेलाइट, श्यामगंज, बदायूं रोड, मढ़ीनाथ, कुदेशिया, हार्टमैन और लाल फाटक पर पुल बने हुए हैं। ये सभी दो लेन के हैं। बीसलपुर में प्रस्तावित पुल आठ लेन का होगा, जो शहर का पहला ऐसा पुल होगा।
डीपीआर तैयार करने में खर्च होंगे करीब 50 लाख रुपये
शासन से हरी झंडी मिलने के बाद बीडीए सेतु निगम से डीपीआर तैयार कराएगा। सेतु निगम पहले चरण में मिट्टी परीक्षण और फिर ड्राइंग तैयार करेगा। इसके लिए भी बजट की आवश्यकता होगी। डीपीआर तैयार करने में ही कुल बजट का करीब एक फीसदी खर्च होगा। यानी करीब 50 लाख रुपये सेतु निगम को देने होंगे। डीपीआर हाथ में आने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। जहां से वित्तीय संस्तुति मिलने के बाद पुल का निर्माण शुरू होगा।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने बताया कि बीसलपुर चौराहे पर 52 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज के निर्माण की तैयारी चल रही है। प्रस्ताव जल्द भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस ओवरब्रिज के बनने से यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम के सहायक अभियंता सुनील कुमार गिरी ने बताया कि बीडीए के साथ बैठक हुई थी। सेतु निगम की ओर से प्रस्ताव दे दिया गया है। पुल आठ लेन यानी करीब 32 मीटर चौड़ा और 300 मीटर लंबा होगा। आगे की कार्रवाई बीडीए को करनी है। यदि सब ठीक रहा तो डीपीआर पर जल्द काम शुरू होगा।