शहर में ऑटो, ई-रिक्शा को टक्कर देने के लिए प्रबंधन तैयार कर रहा योजना
बरेली। शहर में ऑटो, ई-रिक्शा को टक्कर देने के लिए ई-बसों का न्यूनतम किराया 11 से घटाकर 10 रुपये करने की तैयारी है। दरअसल, ऑटो, ई-रिक्शा चालक न्यूनतम किराया 10 रुपये लेते हैं। दूसरी ओर ई-बस में एक रुपये के सिक्के को लेकर समस्या रहती है। ज्यादा संख्या ऐसे यात्रियों की है जो अधिकतम तीन किलोमीटर तक यात्रा करते हैं।
स्वालेनगर मिनी बाइपास से जंक्शन वाया सौफुटा-पीलीभीत बाइपास, स्वालेनगर मिनी बाइपास से जंक्शन वाया डेलापीर-महादेव पुल और झुमका तिराहे से सेटेलाइट बस अड्डा वाया चौपुला-गांधी उद्यान रूटों के 60 स्टॉपेज पर हर 15 मिनट में सिटी बस सेवा शुरू किए 15 दिन बीत चुके हैं। पहले दिन से ही बसें खाली दौड़ रही हैं। बमुश्किल मानक की 25 फीसदी सवारियां मिल रही हैं। 25 बसों का रोजाना का खर्च भी नहीं निकल रहा।
दूसरी ओर इन्हीं रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा फुल होकर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में प्रबंधन ने इस पर काम शुरू किया है। फीड बैक में 11 रुपये किराया होने की दिक्कत सामने आई है। ऐसे में न्यूनतम किराये में एक रुपये की कटौती पर विचार किया जा रहा है, ताकि ऑटो और ई-रिक्शा में यात्रा करने वाले यात्रियों का रुख ई-बसों की ओर मुड़ सके। किराये में कटौती को लेकर इसी माह निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल, परिचालकों और यात्रियों से फीड बैक लेकर आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। संवाद
यह बात सही है कि ई-बनों में ऑटो, ई-रिक्शा के मुकाबले किराया एक रुपया ज्यादा है। यात्री कम मिलने की एक वजह यह भी हो सकती है। ऑटो, ई-रिक्शा के मुकाबले ई-बस लग्जरी भी हैं। किराये को लेकर विचार किया जा रहा है, ताकि सिटी बसों के लिए ज्यादा यात्री मिलें।- मनीषा दीक्षित, प्रबंध संचालक