भारतीय कृषि बीमा निगम ने प्रधानमंत्री योजना फ्लाप करने के लिए नॉन लोनिंग किसानों को इसमें शामिल ही नहीं किया है। निगम ने चर्चित ड्रीम प्रोजेक्ट ओरियंटल बीमा कंपनी को सौंप दिया है। योजना 31 जुलाई तक ही मान्य थी, अब इसे दो अगस्त तक बढ़ाया है। मामला कृषि मंत्रालय तक पहुंचने पर मंगलवार को दो सदस्यीय टीम बरेली पहुंच रही है। साथ ही एक विशेष कैंप लगाकर बीमा कराया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने किसानों की फसल खराब होने और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित होने पर मुआवजा देने के लिए महत्वपूर्ण बीमा योजना लागू की थी। इसकी जिम्मेदारी भारतीय कृषि बीमा निगम को सौंपी गई। निगम ने यह कार्य ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को दिया। इंश्योरेंस कंपनी ने उन किसानों का बीमा कराना शुरू किया जो हर वर्ष बैंकों से कृषि ऋण लेते रहते हैं, इससे लापरवाही से नॉन लोनिंग कृषक योजना से आउट हो गए। ओरियंटल कंपनी शाखा प्रबंधक ने कहा कि योजना में नॉन लोनिंग किसानों का बीमा कराने के लिए फार्म ही नहीं है।
प्रभावित किसानों ने केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार से गुहार लगाई तो मामला केंद्रीय कृषि मंत्रालय तक पहुंचा। इस पर मंत्रालय ने योजना दो अगस्त बढ़ा दी है। साथ ही मंगलवार की सुबह 11 बजे एक विशेष कैंप विकास भवन में लगाने का निर्देश दिया है। इस कैंप में भारतीय कृषि बीमा निगम से दो वरिष्ठ अफसर भी भाग लेेंगे और नॉन लोनिंग किसानों का बीमा कराएंगे।
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प्रधानमंत्री बीमा योजना में नॉन लोनिंग किसानों को शामिल नहीं किया गया है। इससे तमाम ऐसे किसान परेशान हैं जो बैंकों से फसलों पर लोन नहीं लेते हैं। इसका कोई फार्म और साफ्टवेयर भी निगम ने दिया है। इस समस्या से ऊपर तक अवगत करा दिया है।
- सुनील कुमार अग्रवाल, प्रबंधक, ओरियंटल इंश्योरेंस