जिलाधिकारी गौरव दयाल ने कहा है कि कुदरत की मार के सामने किसान हौसला न खोएं। उन्हें मनरेगा से काम से काम दिलाने के लिए हरेक गांव में 200-200 मीटर खड़ंजा बनाने के आदेश कर दिए हैं। जरूरत पड़ेगी तो मनरेगा से और भी काम कराया जा सकता है। प्रदेश सरकार और कृषि विभाग की ओर से जायद की फसल बुवाई के लिए विशेष पैकेज के इंतजाम किए जा रहे हैं। किसी भी स्तर पर किसानों का उत्पीड़न नहीं होगा। लगान स्थगित कर दिया गया है। आरसी के आधार पर बैंकों के कर्जे की वसूली के लिए उत्पीड़न नहीं होगा।
मिलक माझरा गांव के किसान शिशुपाल के लिए तो मुख्यमंत्री ने स्वत: ही संज्ञान लेते हुए विवेकाधीन कोष से पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इनके अलावा अब तक आठ और किसानों की सदमे से मौत हुई है, उन सभी के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद विवेकाधीन कोष से देने की सिफारिश की गई है। पीड़ित किसानों के परिवारों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30-30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को एक साल के दौरान फसलों के ऋण प्राथमिकता के आधार पर दिए जाएंगे ताकि फसल की बुवाई के दौरान किसी भी तरह का आर्थिक संकट न झेलना पड़े। इसके अलावा कृषि तथा अन्य विभागों की अनुदान योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।
ये हैं योजनाएं
कृषि और सहकारिता विभाग की ओर से खाद, बीज, कीटनाशक दवाएं तथा अन्य उपकरण में से कुछ मुफ्त तो कु छ में है सब्सिडी।
30 जून तक भू राजस्व (लगान) स्थगित। लगान और ब्याज माफी के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया विचाराधीन है ।
-विविध देयों में उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर 30 जून तक के लिए रोक
-कृषि निवेश के लिए अनुदान और कर्ज में सरलीकरण।
आज जारी होगा नोटिस
बरेली। जिलाधिकारी के आदेश पर की जा रही जांच में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की ओर से सुनवाई के लिए नोटिस जारी होगा। किसान शिशुपाल सिंह की मौत के बाद उसके बेटों की शिकायत के आधार पर डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी है। उसी जांच को पूरा करने के लिए बेटों और जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी के बयान होंगे।