इलाहाबाद के कमिश्नर, फतेहपुर के डीएम और खनन अधिकारी के निलंबन के बाद स्थानीय प्रशासन की तंद्रा टूटी है। शनिवार दोपहर पुलिस ने बीसलपुर मार्ग पर स्थित गांवाें में अवैध खनन में लगी जेसीबी मशीनों और ट्रालियों को खदेड़ा लेकिन एक भी चालान नहीं किया और ना ही किसी को पकड़ा गया।
जिले भर में बालू और मिट्टी का खनन धड़ल्ले से चल रहा है। हर दिन लाखों टन अवैध मिट्टी और बालू कालोनाइजरों को बेंची जा रही है। बड़े पैमाने पर हो रहे खनन के खेल में सफेदपोश भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा अवैध खनन बीसलपुर मार्ग, सीबीगंज, इज्जतनगर, सुभाष नगर, फतेहगंज, बहेड़ी थाना क्षेत्र के साथ राम गंगा समेत सभी नदियों में खुले आम हो रहा है। इस संबंध में ‘अमर उजाला’ ने खबर का प्रकाशन किया तो प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी किये जबकि बीसलपुर मार्ग स्थित दर्जनों गांवों में हो रहे खनन पर अंकुश लगाने के लिए तहसीलदार सदर, खनन अधिकारी और बिथरी एसओ की समिति बना कर मौके पर कार्रवाई करने को कहा। पुलिस और खनन अधिकारी ने इस पर कोई रुचि नहीं ली तो तहसील स्टाफ ने भी चुप्पी साध ली। इसी बीच इलाहाबाद मंडल के कमिश्नर और फतेहपुर के डीएम व खनन अधिकारी पर गाज गिरी तो डीएम गौरव दयाल ने शुक्रवार देर शाम एक बार फिर आदेश जारी कर एसडीएम, खनन अधिकारी और संबंधित थानाध्यक्षों से कहा कि हाल में खनन पर रोक लगाएं।
शनिवार दोपहर बिथरी थाना पुलिस ने फजीहत से बचने के लिए औपचारिकता निभाई। पुलिस ने अवैध खनन में लगी जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर ट्रालियों को खदेड़ा। इसके साथ ही शिकायतकर्ता से फोन पर कहा कि वह लिखकर दे कि खनन रुक गया है। बीसलपुर मार्ग पर हर दिन एक करोड़ रुपये से ज्यादा की मिट्टी खुदाई हो रही है। डीएम तक पहुंची शिकायत में कहा है कि अवैध खनन पुरनापुर निवासी संजीव कराता है। पुलिस और सफेदपोशों से सांठगांठ से दर्जनों गांवों में हजारों हेक्टेअर जमीन खोद दी गई है।