चनेहटी में देशी शराब की दुकान के विरोध में ग्रामीणों और महिलाओं के आंदोलन और उबाल के बाद सहायक आयुक्त आबकारी ने शराब की दुकान को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के आदेश ठेकेदार को दिए हैं। हालांकि इस आदेश में समय सीमा का कोई उल्लेख नहीं किया है। दूसरी ओर दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का अनशन बुधवार को भी जारी रहा। आक्रोशित महिलाओं का कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने दस दिन का वक्त मांगा तो वह अड़ गई। उन्होंने कहा कि जब दुकान हटेगी, तभी अनशन खत्म होगा। रात तक अनशन जारी था। दूसरी ओर कमिश्नरी में महिलाओं के जमावड़े के दौरान पुलिस व्यवस्था और मजिस्ट्रेट के न होने पर कमिश्नर नाराज हो गए। उनकी नाराजगी के चलते एडीएम सिटी ने एसपी सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट का जवाब तलब किया है। जिसमें पूछा है कि महिलाओं के आंदोलन के चलते पुलिस बल क्यों नहीं लगाया और ज्ञापन के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती भी क्यों नहीं हुई।
बुधवार दोपहर आक्रोशित महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंच गई। यहां महिला पुलिस के दस्ते ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। महिलाओं ने डीएम से मिलने की जिद की। प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद पुलिस ने बताया कि डीएम एनआईसी में वीसी कर रहे हैं। कुछ लोग चाहें तो एडीएम प्रशासन अरुण कुमार से मिल सकते हैं। तब सुमन उपाध्याय के साथ कुछ ग्रामीण एडीएम के पास पहुंचे। उन्हें वही पुरानी मांग का ज्ञापन दिया। एडीएम ने कहा कि दस दिन तक शांत रहिये, वह कुछ कराते हैं। लेकिन उनका कहना था कि आश्वासन नहीं दुकान हटे। एडीएम ने मजबूरी जताई तो यह लोग बाहर आ गए। नारेबाजी करते हुए ग्रामीण फिर पार्क में अनशन पर बैठ गए।
आर्येंद्र की गैरहाजिरी चर्चा में
पहले दिन से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आर्येंद्र मिश्रा बुधवार को पूरे दिन नजर नहीं आए। उनसे मोबाइल पर हुई बात भी आंदोलनकारियों की बातों से मेल नहीं खा रही थीं। हालांकि उन्होंने बताया कि किसी पारिवारिक कारणवश नहीं आ सके। कहा कि शराब ठेकेदार से दुकान शिफ्ट करने पर बात हुई। सकारात्मक संकेत मिले हैं, एक दो दिन में दुकान हट जाएगी।
सुमन ने लिया मोर्चा, अनशन शिफ्ट करने से इंकार
बुधवार को आंदोलन की सारी गतिविधियों का नेतृत्व सुमन उपाध्याय ने किया। एडीएम से भी उनकी तीखी तकरार हुई। उन्होंने कहा कि शराब कारोबारी उनके कुछ साथियों को भ्रमित कर रहे हैं पर आंदोलन अपने अंजाम से पहले नहीं थमेगा। बताया कि आबकारी अधिकारी गांव में अनशन करने को कह रहे हैं। उन्होंने जाकर देखा तो वहां का माहौल ठीक नहीं लगा। इसलिए जगह नहीं बदली जाएगी। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग को पूरे घटनाक्रम की स्थिति फैक्स कर दी।
एक और महिला की हालत बिगड़ी
बुधवार को द्रोपदी देवी नाम की वृद्धा की हालत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर और उल्टियां आने लगीं तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने इसकी वजह डिहाईड्रेशन बताया। मंगलवार को भर्ती हुईं लज्जावती और तारावती की हालत में सुधार था।
कई परिवार तबाह किए शराब ने
चनेहटी की शराब दुकान ने कई परिवार तबाह किए हैं। वृद्धा द्रोपदी ने बताया कि उनका एक बेटा और जेठ के दो बेटे जरूरत से ज्यादा शराब पीकर मर चुके हैं। जेठ के तीसरे बेटे की शराब पिलाकर कई साल पहले हत्या कर दी गई। अब उनके पास खोने को कुछ नहीं बचा पर वे दूसरे परिवार बचाना चाहती हैं। गांव की दूसरी महिला कुंदन देवी ने बताया कि इकलौता बेटा शराब में इस कदर डूबा है कि पत्नी, सात बच्चे और घर की जिम्मेदारी भूल गया है। परचून की दुकान बहू और बच्चे चलाते हैं तो उनसे दिन भर शराब को रुपये मांगता है। रुपये न मिलने पर दुकान में तोड़फोड़ करता है, दो बार आग भी लगा चुका है। वे सोचकर बैठी हैं कि या तो यह दुकान रहेगी या वे।