बरेली। परगवां में डीजे पर बवाल के मामले में वहां की प्रधान शकीना, उसके ससुर इश्तियाक, देवर जुबैस अली, सास हसनैन बानो और ननद सिदरा, शीबा व सना को शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गांव में तनाव के माहौल को देखते हुए पीएसी तैनात की गई है। पुलिस के अफसर माहौल पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
लखौरा गांव के प्रधान कमलेश के नेतृत्व में करीब सवा सौ कांवड़ियों का जत्था शुक्रवार को गंगाजल लेने के लिए कछला रवाना हुआ था। जब यह जत्था पड़ोसी गांव परगवां में प्रधान शकीना के घर के पास पहुंचा तो डीजे की आवाज कम करने को लेकर विवाद हो गया। इसी बीच कुछ लोगों ने जबरन डीजे का जेनरेटर बंद कर दिया। इसके बाद ग्राम प्रधान के घर की छत से कांवड़ियों पर पानी फेंककर पथराव किया गया।
विरोध करने पर कांवड़ियों के साथ मारपीट की गई। इससे गुस्साए कांवड़ियों ने हंगामा शुरू कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक आगे बढ़ने से इन्कार कर दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने प्रधान शकीना, उसके ससुर इश्त्यिाक और देवर जुबैस अली समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कांवड़िये मान गए और पुलिस की सुरक्षा में उन्हें आगे रवाना कर दिया। देर रात पुलिस ने इस मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज करके दो अन्य महिलाओं को गिरफ्तार किया। शनिवार सुबह सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
प्रधान की गिरफ्तारी से आक्रोश
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तुरंत बाद शकीना के पति नवनिर्वाचित प्रधान इशहाक की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उपचुनाव में गांव वालों ने शकीना को जिताया था। मुस्लिम बहुल गांव होने के चलते प्रधान शकीना और उसके परिवार के छह अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी से वहां के लोगों में आक्रोश है। इसे देखते हुए गांव में पीएसी तैनात की गई है।
अब दो दिन पुलिस-प्रशासन की परीक्षा
रविवार और सोमवार को परगवां गांव में पुलिस-प्रशासन को फिर परीक्षा से गुजरना होगा। रविवार को लखौरा गांव से ही डाक कांवड़ का जत्था जल लेने के लिए रवाना होगा। उनका मार्ग भी यही है। इसके अलावा जिस जत्थे के निकलने के दौरान बवाल हुआ, सोमवार को उसकी वापसी होगी। इसके चलते गांव में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। अफसरों का कहना है कि कांवड़ियों के निकलने के दौरान घरों की छतों पर भी पुलिस तैनात रहेगी।
इन धाराओं में हुई रिपोर्ट
इस मामले में ग्राम प्रधान कमलेश, कांवड़िया बबलू, प्रेमपाल राजपूत, रामधुन लाल, रोहित आदि की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें बलवा, मारपीट, धमकी देना, धार्मिक भावनाएं आहत करने और लोकशांति को भंग करने की धाराएं लगाई गई हैं।