आंधी से विद्युत निगम को दो करोड़ का नुकसान
विद्युत निगम ने जिलेभर में दो करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का आकलन किया है। विद्युत निगम के दावों के अनुसार, बुधवार की रात आई आंधी से जिले में 500 खंभे, 30 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। पेड़ व टहनियां गिरने से बिजली लाइनों को भी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान सीबीगंज, परसाखेड़ा, दोहना में हुआ है।
महानगर उपकेंद्र के महानगर फीडर से भी दो दिनों से आपूर्ति ठप होने की वजह से करीब 25 हजार आबादी परेशान रही। हरूनगला उपकेंद्र से पोषित सुरेश शर्मा नगर में बुधवार की रात बिजली गुल हुई तो शुक्रवार सुबह आठ बजे आपूर्ति बहाल हुई। राजेंद्रनगर उपकेंद्र पर गुप्ता चौक पर फॉल्ट के कारण बृहस्पतिवार की रात बिजली नहीं आई। दोपहर में भूमिगत केबल आने के बाद मरम्मत हुई, तब जाकर अपराह्न तीन बजे तक आपूर्ति बहाल हो सकी।
इन इलाकों में भी बिजली संकट
हरूनगला उपकेंद्र के कृष्णानगर फेज-2 में शुक्रवार की भोर में लाइट गुल हुई तो दोपहर में आपूर्ति बहाल हुई। इस दौरान लोगों को जल संकट से भी जूझना पड़ा। सनराइज कॉलोनी के उपभोक्ता ट्रिपिंग से जूझते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भरतौल फीडर तीन दिन से ठप है। ट्यूलिप टावर के सामने खंभे क्षतिग्रस्त होने से स्टेडियम रोड स्थित कौशांबी एन्क्लेव में दो दिनों से बिजली नहीं आ रही है। चंदना, मुरली धमीजा, नंदा आदि उपभोक्ताओं ने सड़क पर उतरकर म विरोध जताया।
दो बार ठप हुए शहर के उपकेंद्र
बृहस्पतिवार की रात दो बार आंधी-बारिश के चलते शहर के 27 उपकेंद्रों को एक-एक घंटे के लिए बंद रखना पड़ा। रात में 12:30 से 1:30 बजे तक फिर भोर में चार से पांच बजे तक आंधी-बारिश के चलते उपकेंद्र बंद किए गए थे।
तीन दिन से बिजली गुल
सीबीगंज के मथुरापुर गांव में तीन दिन से बिजली नहीं आ रही है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित उपकेंद्र का घेराव कर हंगामा किया। शाम तक बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराए जाने के आश्वासन पर माने। राहुल साहू, नाजिम अल्वी, अशफाक टेलर, जोगेंद्र सक्सेना, हरीश साहू, जयप्रकाश मौर्य, आकाश भास्कर आदि ने बताया कि तीन दिन बीतने के बाद भी गांव की क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक नहीं किया गया। इससे मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जबकि इंडस्ट्रियल एरिया की लाइन को तुरंत ठीक कर दिया गया।
पवन विहार में भी गुल रही बिजली
पवन विहार इलाके में बृहस्पतिवार की रात से बिजली नहीं है। रात में आई आंधी के चलते यहां तीन खंभे गिर गए थे। इस वजह से शुक्रवार को पूरे दिन व रात तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस दौरान करीब 10 हजार आबादी गर्मी से परेशान रही। पानी की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ा। जिम्मेदार इंजीनियरों की तरफ से सही जवाब न देने से भी लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला।
तीन दिन से अंधेरे में 250 गांव
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में बुधवार रात को आई आंधी-बारिश से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। 36 घंटे के बाद भी आपूर्ति बहाल न होने से 250 गांवों के उपभोक्ताओं में रोष है। आंधी में लाइनों पर पेड़ गिर गए थे। 36 घंटे चले मरम्मत कार्य में 33 केवी लाइन दुरुस्त की जा सकी है। इससे कस्बे में आपूर्ति बहाल हो गई लेकिन ट्रिपिंग से परेशानी हुई। देहात में अब भी अंधेरा पसरा है। एसडीओ अंकित द्विवेदी ने बताया कि आंधी में 20-24 खंभे टूटे हैं। मरम्मत कराने में समय लग रहा है। अगर दोबारा आंधी-बारिश नहीं हुई तो रविवार तक पूरे इलाके में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि जिले में आंधी-बारिश के चलते 500 खंभे, 30 ट्रांसफार्मर, 200 पेड़ गिरने की सूचना है। इससे दो करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। जिन फीडरों से आपूर्ति चालू नहीं हो सकी है, उनको ठीक कराया जा रहा है।