अफसरों की अनुपस्थिति पर सदस्यों ने उठाए सवाल, जातिवाद और विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाकर दो ने किया वॉक आउट
बरेली। राजकीय इंटर कॉलेज में बने स्मार्ट सिटी के ऑडिटोरियम की अव्यवस्थाओं के चलते बुधवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक बरामदे में हुई। बिजली अचानक गुल हो गई। जनरेटर ने भी दगा दे दिया। अध्यक्ष को तुरंत बाजार से माइक व साउंड खरीदकर मंगवाना पड़ा। 10 मिनट देरी से बैठक शुरू हुई तो 23 अफसर गैरहाजिर रहे। इस पर सदस्यों ने सवाल उठाए। दो सदस्यों ने वॉक आउट भी किया। नौ प्रस्तावों पर चर्चा के बाद 25 करोड़ के विकास कार्यों पर मुहर लगी।
30 नवंबर 2024 के बाद बुधवार को बैठक शुरू होते ही भाषण देकर सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार निकल गए। इनके बाद नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, सीडीओ देवयानी व डीडीओ दिनेश यादव वहां पहुंचे। वार्ड-13 के सदस्य ब्रह्मस्वरूप सागर और वार्ड-27 के नौनीराम सागर अध्यक्ष पर विकास कार्यों में भेदभाव और जातिवाद का आरोप लगाते हुए बैठक से उठकर चले गए।
सदस्य निरंजन यदुवंशी ने पिछली बैठक में गैरहाजिर अधिकारियों के नाम और उन पर की गई कार्रवाई को सार्वजनिक करने की मांग की। इस बार गैरहाजिर अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी? यह भी पूछा। अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) ने पिछले बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों के बारे में न बताकर मौके पर मौजूद लोगों के हस्ताक्षर लिए और बताया कि 23 अधिकारी गैरहाजिर हैं।
चर्चा के दौरान सदस्यों ने उद्योग बंधु की तरफ से आए छह कार्यों के प्रस्तावों को नामंजूर कर दिया। अध्यक्ष रश्मि पटेल ने गैरहाजिर अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने वॉक आउट करने वाले सदस्य ब्रह्मस्वरूप के आरोपों को झूठा बताया। अधिकारियों संग बैठक करने की बात कही।
इन कार्यों को मिली स्वीकृति
एएमए डॉ. नीतू सिंह सिसोदिया ने बताया कि बोर्ड ने 25 करोड़ के कार्यों को स्वीकृति दी है। बैठक के बाद अध्यक्ष ने सदस्यों से बात कर बहादुरपुर में नाला निर्माण, रिछा में टेलीफोन टॉवर रोड से मिंतर तेजनगर तक सड़क निर्माण और जहानाबाद रोड से सुप्रीम एग्रो इंडस्ट्रीज तक सड़क निर्माण की सहमति ले ली है। जिन करदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या गांव छोड़ गए हैं, उन पर आरोपित एक हजार रुपये तक के कर को बट्टा खाते में डालने का निर्णय हुआ। आंवला के सिरौली, नवाबगंज के ईध जागीर व बरौर में जिला पंचायत की रिक्त जमीन पर दुकानें व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने पर सहमति बनी है। चौबारी मेले और मां दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन आदि पर होने वाले खर्च पर सदस्यों ने सहमति दी है।
सदस्य बोले- अफसर नहीं करते सुनवाई
सदस्य निरंजन यदुवंशी ने अधिकारियों के सुनवाई न करने का मुद्दा उठाया। सदस्य ममता गंगवार ने कहा कि पिछली बैठक में उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। सदस्य छोटे लाल दिवाकर, छेदा लाल व इंद्रपाल ने कहा कि चार साल से उनके क्षेत्र में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। बहेड़ी होते हुए उत्तराखंड को जोड़ने वाले मार्ग की मरम्मत की मांग की। नरेंद्र गंगवार ने भोजीपुरा से मझउवा और गंगापुरा तक दो किमी मार्ग की मरम्मत का मुद्दा उठाया। जिला पंचायत कार्यालय में कर्मियों के पटल परिवर्तित नहीं किए जाने पर भी सवाल उठे। सदस्यों ने कमीशनबाजी व ठेकेदारों की मनमानी का मुद्दा भी उठाया। ठेकेदारों के नाम गिनाते हुए उनका अनुबंध समाप्त करने के लिए कहा। सदस्य सुनील कश्यप के वार्ड-45 के कार्य और नाम का बोर्ड वार्ड-48 में लगाने का मुद्दा उठाया।
सदस्य नरेंद्र गंगवार ने कहा कि भोजीपुरा ब्लॉक के गुझिया जनूबी की कलावती का राशन कार्ड कई महीने पहले कट गया। पूर्ति निरीक्षक शिखा तिवारी से बात की तो उन्होंने बता दिया कि कलावती के पति धर्मपाल के नाम पर चौपहिया वाहन है, इसलिए वह अपात्र हैं। आरटीओ कार्यालय जाकर पता किया तो धर्मपाल के नाम पर कोई चौपहिया वाहन पंजीकृत न होने की बात बताई गई। उन्होंने साइकिल पर सवार धर्मपाल के वीडियो दिखाए। सीडीओ ने कहा कि वह इस मामले में कार्रवाई करेंगी। संवाद
बोर्ड बैठक के लिए जीआईसी ऑडिटोरियम बुक किया था। 30 हजार रुपये नकद जमा किए थे और जनरेटर के लिए 200 लीटर डीजल ले गए थे। सौ लीटर डीजल जनरेटर में डाला गया था, लेकिन वह नहीं चला। इससे अव्यवस्था फैली। अंदर ऑडिटोरियम में मंच भी सजाया गया था, जो बेकार हो गया। नगर निगम में कॉल भी की, पर कोई नहीं आया। - डॉ. नीतू सिंह सिसोदिया, एएमए