फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला अपराधों का तैयार हो रहा ब्योरा चौराहों पर लगेंगे आरोपियों के पोस्टर

विज्ञापन
demo photo - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

शासन की मंशा को देख खंगाला जाने लगा अपराधियों का रिकार्ड, कार्रवाई के लिए शासन के आदेश का इंतजार

बरेली। सीएम योगी की मंशा को भांपकर बरेली पुलिस ने चर्चित महिला अपराधों में शामिल अभियुक्तों का रिकार्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। शासन का आदेश मिलने के बाद महिला अपराधों में लिप्त इन बदमाशों के पोस्टर चौराहों पर लगाए जाएंगे।
विज्ञापन

सीएम योगी ने महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म की घटनाएं करने वाले आरोपियों के साथ सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की मंशा है कि ऐसा करने वालों को समाज में भी तिरस्कार का सामना करना पड़े, जिसके लिए इनके फोटो और पोस्टर चौराहों पर चस्पा करने की योजना बनाई गई है। सीएम की मंशा को देखकर बरेली पुलिस ने भी आदेश आते ही उसके अनुपालन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए चर्चित महिला अपराधों में लिप्त अभियुक्तों की सूची तैयार कराई जा रही है। लिखित आदेश आने के बाद मानक के अनुसार पोस्टर लगाए जाएंगे। फिलहाल माना जा रहा है कि महिला अपराध के कई मामलों में वांछित लोगों के फोटो ही पोस्टर बनवाकर लगाए जाएंगे।

एंटी रोमियो स्क्वाड को सक्रिय करने की तैयारी

योगी सरकार बनने के बाद अस्तित्व में आया एंटी रोमियो स्क्वाड अब दम तोड़ चुका है। कहने को हर थाने में यह स्क्वाड बना है लेकिन इसमें तैनात पुलिसकर्मी दूसरे विभागीय कार्यों में ही व्यस्त रहते हैं। केवल कोतवाली और महिला थाने का दस्ता गांधी उद्यान में सक्रिय नजर आता है। अब एसएसपी ने इस दस्ते को प्रभावी करने का निर्णय लिया है।

महिला उत्पीड़न के 405 मामले, 19 दुष्कर्म

जिले में इस साल एक जनवरी से 15 सितंबर तक महिला उत्पीड़न के 405 मामले सामने आए हैं। इनमें दुष्कर्म के 19, छेड़छाड़ के पांच, किशोरियों के अपहरण के 182, शीलभंग के 170, महिला हत्या के 16 और दहेज हत्या के 40 मामले हैं।

शासन से इस मामले में लिखित निर्देश आने का इंतजार है। निर्देश के मुताबिक श्रेणी छांटकर महिला अपराध को अंजाम देने वाले चर्चित आरोपियों के फोटो और पोस्टर लगवाए जाएंगे। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

बहुत सारे मामलों में लड़कियां बदनामी के डर से शिकायत नहीं करतीं। पोस्टर लगाने की कार्रवाई से आरोपियों को भी समाज में बदनाम होने का डर होगा तो शायद कुछ अंकुश लग सके। - डॉ. वंदना शर्मा, चीफ प्रॉक्टर, बरेली कॉलेज

इस तरह की हरकत करने वालों की सोच बहुत गंदी होती है। पोस्टर लगाने का भी उन पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। ऐसे उपाय के बजाय सरकार को कड़ी सजा का प्रावधान करना चाहिए। - डॉ. मनु नीरज, महिला जागृति मंच

उत्पीड़न के मामले दर्ज कराने के बाद महिलाओं को समाज का सामना करने में बहुत दिक्कत होती है। अब पीड़िताओं के साथ ही आरोपियों को भी समाज में बदनामी झेलनी पड़ेगी। - निदा खान, आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी

योगी सरकार का यह सराहनीय निर्णय है। अपराधियों का समाज में सामने आना जरूरी है। अभी सिर्फ नाम सामने आते हैं लेकिन पोस्टर लगने से उनके चेहरे भी बेनकाब होंगे। - फरहत नकवी, मेरा हक फाउंडेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें