फरीदपुर। जिला पंचायत रोड पर बिना अनुमति लगाई पोर्टेबल शॉप पर बखेड़ा शुरू हुआ तो यह दुकानें अब वास्तव में पोर्टेबल हो गईं। वहां से हटाने के बाद यह दुकानें पहले सीबीगंज के गांव में छिपाई गईं और मामला खुला तो अब नगर निगम की सीमा से बाहर फरीदपुर में रख दी गई हैं। इसके चलते नगर निगम के अफसर भी कार्रवाई के नाम पर लाचारी दिखाने लगे हैं।
नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. की तैनाती के बाद से ही उनके और मेयर उमेश गौतम के बीच जंग छिड़ी है। नगर आयुक्त ने मेयर के ड्रीम प्रोजेक्ट पोर्टेबल शॉप पर सवाल उठाते हुए जिला पंचायत रोड पर लगाई दुकानों को अवैध बताकर हटाने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट से जांच भी शुरू करा दी। हंगामा मचा तो सौ से अधिक पोर्टेबल शॉप जिला पंचायत रोड से रातोंरात गायब हो गईं। पिछले दिनों यह दुकानें सीबीगंज के गांव मथुरापुर के खाली प्लाट में रखी नजर आईं तो नगर निगम ने कार्रवाई का मन बनाया। मामला मीडिया में आया और फिर मथुरापुर से भी यह दुकानें रातोंरात गायब हो गईं। अब इनमें से कुछ दुकानें फरीदपुर में नेशनल हाईवे पर मानस स्थली के बराबर में एक परिसर में रखी गई हैं। परिसर के गेट पर तैनात गार्ड का कहना है कि यह दुकानें बिक्री के लिए रखी गई हैं। करीब एक महीने पहले यह दुकानें यहां लाई गई थीं।
पोर्टेबल शॉप फरीदपुर में रखे होने की मुझे जानकारी नहीं है। फरीदपुर नगर निगम की सीमा से बाहर भी है, ऐसे में नगर निगम वहां कार्रवाई भी नहीं कर सकता।
- ईश शक्ति सिंह, प्रभारी नगर आयुक्त