मीरगंज। तहसील क्षेत्र के 12 गांवों में चल रही चकबंदी ढाई वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने कर्मियों पर लापरवाही बरतकर चकबंदी को अटकाने का आरोप लगाया है। अब फॉर्मर रजिस्ट्री न होने से 12 हजार किसानों की किसान सम्मान निधि पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस पर किसानों ने चिंता जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार मीरगंज तहसील के गौतारा एतमाली, चंद्रपुर जोगियान, गोरा लोकनाथपुर मुस्तकिल, करौरा, बिहारीपुर, सुल्तानपुर, बफरी, अब्दुल नबीपुर, मोहम्मदगंज, ठिरिया बुजुर्ग और अंबरपुर गांवों में चकबंदी का कार्य ढाई साल से चल रहा है, जबकि ठिरिया बुजुर्ग एवं अम्बरपुर गांवों की चकबंदी ग्रामीणों के विरोध के कारण ठप है। इस प्रक्रियाओं के चलते गांवों की खतौनी आदि चकबंदी विभाग के पास हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में चकबंदी का काम कई वर्ष से चल रहा है, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पूरा नहीं हो सका। इस वजह से खेतों का नया रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पाया और फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रही है। कृषि विभाग के पोर्टल पर अधूरी रजिस्ट्री के कारण कई किसानों का डाटा अमान्य दिख रहा है, जिसके चलते उनकी किसान सम्मान निधि रुकने का संदेह बढ़ गया है। संवाद
मुकदमेबाजी-सीमांकन विवाद से हो रही देरी
चकबंदी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ गांवों में मुकदमेबाजी और सीमांकन विवादों के कारण कार्य में देरी हो रही है। काम लगातार जारी है। जल्द ही निपटारा कर दिया जाएगा।
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तहसील और चकबंदी कार्यालय के चक्कर लगा रहे किसान
किसान टिंकू भारद्वाज, जितेंद्र सिंह, ओम प्रकाश और हरिशंकर शिशुपाल सिंह, सुशीला देवी, दुर्जन लाल आदि ने बताया कि “हम महीनों से तहसील और चकबंदी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी हर बार यही कहते हैं कि चकबंदी पूरी होने के बाद ही फार्मर रजिस्ट्री बन सकेगी।” कुछ ग्रामीणों ने कहा कि वसूली के लिए उनका कार्य अटकाया जा रहा है। इस वजह से प्रक्रिया लंबी खींचती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि चकबंदी के दौरान भी किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को अस्थायी रूप से आसान बनाया जाए, ताकि सम्मान निधि की राशि समय पर मिल सके।
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चकबंदी से फाॅर्मर रजिस्ट्री प्रभावित होने का सवाल ही नहीं है। यदि कोई किसान भूलेख मांगता है, तो वह चकबंदी लेखपाल से प्राप्त कर सकता है, यदि उसमें भी कोई बाधा आती है तो चकबंदी अधिकारी संपर्क करें या मुझे बताएं।
- पवन कुमार सिंह, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी