नगर क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का बृहस्पतिवार को बीएसए डॉ. विनीता ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं।
निरीक्षण में विद्यालय परिसर, विशेषकर शौचालय और डॉरमेट्री में गंदगी का अंबार मिला। सुरक्षा के लिहाज से भी स्थिति चिंताजनक पाई गई। यहां बिजली के तार खुले लटक रहे थे। खिड़कियों के शीशे व जालियां टूटी हुई थीं। छात्राओं के लिए बनाई जा रही सेवइयों की मात्रा और गुणवत्ता मानक के अनुरूप संतोषजनक नहीं थी।
स्टाफ की उपस्थिति में भी लापरवाही देखने को मिली। सहायक रसोइया और चौकीदार बिना किसी सूचना के ड्यूटी से नदारद पाए गए, जबकि आवागमन पंजिका में 22 अप्रैल के बाद से किसी भी कर्मचारी की प्रविष्टि दर्ज नहीं थी। छात्र नामांकन की स्थिति भी बेहद खराब मिली। कक्षा छह से 10 तक छात्राओं की वास्तविक उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों से काफी कम थी, जबकि कक्षा 11 और 12 में एक भी नामांकन नहीं पाया गया।
बीएसए ने वार्डन और समस्त स्टाफ को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिया कि छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाए और टूटी खिड़कियों व बिजली के तारों को तत्काल ठीक कराकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए।