बरेली। नेकपुर में सड़कों और नालियों के निर्माण में घपलेबाजी की पुष्टि जांच में होने के बाद अब फर्म को काली सूची में डालने की तैयारी है। नगर आयुक्त ने फर्म के नाम नोटिस जारी किया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो एफआईआर भी हो सकती है।
नेकपुर में दिवाकर शर्मा के मकान तक बाइट हॉल स्कूल, केके पांडे के मकान से सुल्तान सिंह के मकान तक, पतंग की दुकान के सामने चीकू के मकान से गोपाल के मकान तक, अनु सक्सेना के मकान से सुभाष पटेल की कोठी तक सीसी सड़क व नाली निर्माण कार्य 15वें वित्त आयोग के बजट से हुआ था। इज्जतनगर की फर्म मेसर्स राजीव ट्रेडर्स ने काम कराया।
शिकायत के बाद जांच कराई तो घपलेबाजी सामने आई। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि यदि फर्म की ओर से निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलता है या फिर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। ब्यूरो
यह खामियां मिलीं, जिन पर हो रही कार्रवाई
सीसी सड़क डालने से पहले पुरानी सतह नहीं हटाई गई, इससे सड़क ऊंची हो गई।
एस्टीमेट में सीसी की मोटाई 0.12 सेंटीमीटर थी मौके पर 0.08 सेंटीमीटर मिली।
एस्टीमेट में जीएसबी की मोटाई 10 सेंटीमीटर थी पर मौके पर 0.04 सेंटीमीटर मिली।
नाली निर्माण की गुणवत्ता परखने के लिए खोदाई हुई तो बेस में सामग्री नहीं मिली।
सड़क में गिट्टी की जगह ईंटों का रोड़ा और टूटे मकानों का मलबा कूट दिया गया।