-सीबीएसई रीजनल विज्ञान प्रदर्शनी में चयनित हो चुके हैं जिले के बाल वैज्ञानिकों के मॉडल
बरेली। देशभर में वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन रहा है। इससे निजात के लिए बाल विज्ञानी ने प्रदूषण कैचर बनाया है। इससे वायु प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सकेगा।
नौवीं कक्षा के छात्र कृष्णा सक्सेना ने मेंटर जलज अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रदूषण कैचर मॉडल तैयार किया है। उनके मुताबिक, इस पोर्टेबल मॉडल को चौराहों व इंडस्ट्री की चिमनी पर लगाया जाएगा। इसके एक पंखे से दूषित हवा मशीन में प्रवेश करेगी। अंदर पेट्रोलियम जैली लगी है, जिसमें दूषित कण चिपके जाएंगे और दूसरे द्वार से शुद्ध हवा निकलेगी। इसमें एक्यूआई सेंसर भी लगाया गया है। साथ ही जीपीएस से लैस कैमरे से आसपास कचरा जलाने से जिला प्रशासन के पास सूचना पहुंच जाएगी। इस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री भी देख चुके हैं। साथ ही सीबीएसई व इंस्पायर मानक में चयनित हो चुका है।
पहाड़ी मार्गों पर हादसे होंगे कम
कक्षा 10वीं के विद्यार्थी नौमित चौधरी व सात्विक शर्मा ने पहाड़ों पर हो रहे हादसों को कम करने के उद्देश्य से स्विचबैक टर्न सीवियर डिवाइस मॉडल तैयार किया है। इसमें ट्रैफिक लाइट की तर्ज पर पहाड़ी मार्गों पर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई हैं, जोकि अलट्रासोनिक सेंसर से लैस हैं। ये वाहनों की स्पीड को भांपकर सिग्नल के माध्यम से उन्हें संकेत देती हैं। इन्हीं ट्रैफिक लाइटों में जीपीएस व कैमरे लगे हैं, जिनसे आपात स्थिति होने पर प्रशासन को संदेश पहुंच जाता है। इस प्रोजेक्ट को सीबीएसई रीजनल विज्ञान प्रदर्शनी व इंस्पायर मानक के लिए चयनित किया जा चुका है। इसके मेंटर संजीव सक्सेना व डॉ. सीमा अग्रवाल हैं। दोनों विद्यार्थी बीबीएल पब्लिक स्कूल अलखनाथ रोड शाखा में अध्ययनरत हैं। संवाद