दोनों ने मंगलवार को मंत्री शिवपाल सिंह यादव समेत पार्टी के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की है और बरेली में हो रही गुटबाजी से अवगत कराया। बताया जाता है कि अंदरूनी गुटबाजी के लिए दोनों ने सीधे तौर पर अरविंद यादव व विधायक अताउर रहमान को जिम्मेदार ठहराया है। अताउर रहमान दिल्ली गए हुए हैं। समझा जा रहा है कि वह पार्टी के बड़े नेताओं के सामने अपना रखने गए हैं।
समाजवादी पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी पिछले करीब एक पखवाड़े से सतह पर है। हाईकमान से उपाध्यक्ष बनाए गए अरविंद यादव को पद से हटाए जाने के बाद विरोधी खेमे से निपटने के लिए वीरपाल अपने समधी के साथ लखनऊ में डट गए हैं। उनके साथ एक पूर्व विधायक भी हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टी नेता मंगलवार को मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने उनके आवास5-कालीदास मार्ग भी गए। वहां उनकी सीएम से मुलाकात हुई या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीरपाल खेमे का कहना है कि हाईकमान से मुलाकात के बाद गुटबाजी करने वाले नेताओं को पद मुक्त करने के साथ बाहर का रास्ता दिखाया जाना तय है। पांच फरवरी को लखनऊ में सपा की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक है। इसमें शामिल होने के लिए विधायक अताउर रहमान भी चार फरवरी को लखनऊ जाएंगे। चर्चा है कि वीरपाल खेमे ने अब अरविंद को पार्टी से ही निकालने और अताउर रहमान से भी पार्टी का पद वापस लेने की जिद ठान ली है। इधर दूसरा खेमा जिला इकाई के पूरे कायाकल्प के लिए ही जोर लगाए हुए है।