समाजवादी पार्टी में चल रही गुटों की रार शनिवार को हुई मासिक बैठक में सामने आ गई। मुख्यमंत्री की ओर से नामित जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव ने कार्यकर्ता सम्मेलन में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से स्पष्टीकरण मांग लिया कि उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई है।
तय समय से करीब एक घंटे देर शुरू हुई बैठक में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने सात फरवरी से होने वाले ब्लाक स्तरीय सम्मेलन के प्रभारियों की घोषणा की। फिर महानगर अध्यक्ष जफर बेग ने अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा, किसी और को भी कुछ कहना है। इस पर अरविंद यादव ने कहा, तीन उपाध्यक्ष राजा बाबू, अरविंद गंगवार और हाजी गुड्डू को जिम्मेदारी दी गई लेकिन मुझे और हरीशंकर यादव को नहीं, जबकि हमें मुख्यमंत्री ने नामित किया है। मैं इस मामले में जिलाध्यक्ष से स्पष्टीकरण चाहता हूं। इस पर वीरपाल बिफर पड़े और कहा कि तुम मुझसे स्पष्टीकरण मांगोगे? अगर हर किसी को स्पष्टीकरण देना पड़ा तो मैं पार्टी नहीं चला पाऊंगा। यह कहकर उन्होंने बैठक स्थगित कर दी। इसके बाद दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं में जवाबी नारेबाजी शुरू हो गई।
अफरातफरी के माहौल में विधायक अताउर रहमान और पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव ने वीरपाल सिंह और उपाध्यक्ष अरविंद यादव को बंद कमरे में साथ बैठाया। प्रवक्ता हरीशंकर यादव और महानगर अध्यक्ष जफर बेग भी बैठे। पार्टी प्रवक्ता हरीशंकर यादव का कहना है कि अरविंद ने बंद कमरे में खेद जताया है। उधर, वार्ता के बाद वीरपाल ने हरीशंकर यादव को प्रवक्ता बनाए जाने की घोषणा कार्यकर्ताओं के बीच की।
अरविंद ने स्पष्टीकरण मांगा होगा, हमने नहीं सुना। अनुशासनहीनता जैसा कोई मामला नहीं है। गुटबाजी भी नहीं है। रही बात जिम्मेदारी की, जिसकी जहां जरूरत थी उसे वहां लगा दिया गया।
वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष
मेरी बात जायज है इसीलिए मैंने अपनी बात रखी थी। स्पष्टीकरण के लिए कहा लेकिन किसी को ठेस पहुंची है तो उसके लिए खेद है। मैंने किसी से माफी नहीं मांगी।
अरविंद यादव, जिला उपाध्यक्ष
इतना बड़ा मामला नहीं है। अरविंद का आशय था कि उन्हें भी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने जिलाध्यक्ष से खेद प्रकट कर दिया।
अताउर रहमान, विधायक बहेड़ी