बरेली। उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी के बयान पर घमासान मचने के बाद केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने सफाई दी कि उन्होंने यह बात जिस परिप्रेक्ष्य में कही थी, उसे तोड़मरोड़ कर सच्चाई से उलट दिया गया। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के बयान पर यह कहकर पलटवार किया कि वह पहले खुद चुनाव लड़ लें तब कुछ बोलें। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के बयान को यह कहकर खारिज कर दिया कि इन दोनों को जनता लोकसभा चुनाव में जवाब दे चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को और कार्यकुशल बनाया जा रहा है। भारत में 65 प्रतिशत आबादी युवाओं की है जिनकी उम्र 35 साल से कम है। इसलिए पूरा देश युवाओं की श्रेणी में आता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार के सौ दिन पूरे होने पर बरेली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपलब्धियां बताने के दौरान कुछ सवाल भी हुए थे। स्किल डेवलपमेंट के सवाल पर उनका बयान तोड़मरोड़कर मीडिया में प्रस्तुत कर दिया गया। सरकार स्किल डेवलपमेंट पूरा ध्यान दे रही है ताकि कुशल और योग्य लोग मिलें। इसके लिए टाटा ग्रुप के सहयोग से मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल (आईआईएस) की शुरुआत कौशल विकास मंत्रालय ने की है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी जमीनी हकीकत से काफी दूर हैं और वह आठ बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। प्रियंका पहले एक लोकसभा चुनाव तो लड़ें फिर गंभीर मुद्दों पर बोलें।