मस्जिदों में हुईं अमन चैन की दुआएं, प्रमुख मस्जिदों पर तैनात रहा फोर्स
बरेली। नागरिकता संशोधन कानून बनने के बाद पांचवां शुक्रवार भी शांतिपूर्ण तरीके से गुजर गया। इस बार न कहीं विरोध दिखा और न प्रदर्शन की बात सामने आई। अलबत्ता मस्जिदों में शहर एवं देश में अमन और चैन के लिए खास दुआएं की गईं। जुमे की नमाज के दौरान पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन का सिलसिला बना हुआ था। शुरू के दो शुक्रवार को आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद हर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद खास तौर से पुराना शहर की मस्जिदों में विरोध प्रदर्शन होते रहे। इसे देखते हुए दो सप्ताह पहले थाना बारादरी में मस्जिदों के इमामों की बैठक भी बुलाई गई। उनसे कहा गया कि वे लोगों को विरोध-प्रदर्शन न करने के लिए समझाएं, मगर इसका असर दिखाई नहीं दिया और नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर प्रदर्शन होता रहा।
शहर में दो दिन पहले जिस तरह आजाद इंटर कॉलेज में बाहरी लोगों ने स्थानीय नौजवानों को गुमराह कर धरने की आड़ में माहौल खराब करने की कोशिश की उसे देखते हुए पुलिस इस शुक्रवार को और ज्यादा अलर्ट रही। हालांकि इस शुक्रवार को भी शांति रही और दिन अमन से गुजर गया। शहर की कई प्रमुख मस्जिदों शाही जामा मस्जिद, दरगाह आला हजरत, नौमहला, सैलानी, कुरैशनगर, एजाजनगर गौंटिया, सूफी टोला, बिहारीपुर, मलूकपुर आदि के बाहर पुलिस फोर्स तैनात रहा।