बरेली। नागरिकता कानून के खिलाफ बुधवार देर शाम अचानक आजाद इंटर कॉलेज के मैदान पर जुटे लोगों की रात तीन बजे गिरफ्तारी के बाद जो राज सामने आए, उससे पुलिस अफसर भी सन्न रह गए। इनमें से नौ लोग संभल, अमरोहा, प्रतापगढ़ से लेकर जम्मू और मुजफ्फरनगर तक के निकले जो किच्छा (उत्तराखंड) के रिजवान की अगुवाई में बरेली में माहौल भड़काने की फिराक में थे। उनकी गतिविधियाें से दंगा कराने की साजिश का इशारा मिलने के बाद छानबीन भी की जा रही है कि इन लोगों के तार किसी राष्ट्रविरोधी संगठन से तो नहीं जुड़े हैं।
आजाद कॉलेज से पकड़े गए लोग कई दिनों से बरेली में मौजूद थे। पहले इन लोगों ने इस्लामिया ग्राउंड पर चल रहे आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के धरने में घुसकर वहां माहौल गरम करने की कोशिश की लेकिन शक होने पर आईएमसी के लोगों ने उन पर निगरानी शुरू कर दी। बुधवार शाम जब तौकीर रजा खां ने धरना खत्म किया तो ये लोग आजाद कॉलेज चले आए जहां आनन-फानन में उन्होंने सैकड़ों की भीड़ इकट्ठी कर ली। रात तीन बजे जब पुलिस ने यहां मौजूद लोगों को गिरफ्तार करना शुरू किया तो भगदड़ मच गई। पूछताछ में पता चला कि आजाद कॉलेज में धरना शुरू कराने में रिजवान के अलावा जम्मू, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़ और संभल के लोगों का हाथ था तो पुलिस चौंक गई। इन लोगों की गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गईं जिसके बाद उनका शांति भंग करने के आरोप में चालान कर छानबीन शुरू कर दी गई है। ब्यूरो