डीजीपी को पल-पल का अपडेट देते रहे एडीजी, शाम को अफसरों ने ली राहत की सांस
बरेली। नागरिकता संशोधन कानून बनने के विरोध में लोगों के सड़कों पर आने की आशंका से पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरे दिन परेशान रहा। अफसरों को आशंका थी कि जुमे की नमाज के बाद लोग इस कानून का विरोध करने निकल सकते हैं। दरअसल, प्रशासन की इस आशंका को महलऊ की मदीना मस्जिद के इमाम की सोशल मीडिया पर कानून के विरोध में कलक्ट्रेट कूच के आह्वान से और बल मिला। लिहाजा अफसरों की गाड़ियां दिन भर यहां से वहां दौड़ती रहीं। कई जगह इमाम के समर्थन में शहर की ओर आ रहे लोगों को अफसरों ने रास्ते में ही ज्ञापन लेकर लौटा दिया।
नागरिकता संशोधन बिल को कानून का रूप मिलने से पहले ही पूर्वोत्तर के कई राज्यों में हिंसा भड़क उठी है। उत्तर प्रदेश में भी विरोध की आशंका को लेकर लखनऊ से अलर्ट जारी किया गया है। जुमे की नमाज को लेकर बरेली में भी अफसर अलर्ट रहे। उस पर इमाम राहत कादरी ने शहर के लोगों का नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में कलक्ट्रेट कूच करने का आह्वान कर प्रशासनिक खेमे में हड़कंप मचा दिया। डीआईजी राजेश कुमार पांडेय दल बल के साथ बैरियर टू चौकी से लेकर इज्जतनगर थाने तक का राउंड लेते रहे। चूंकि इमाम को इज्जतनगर थाने में रखा गया था, इसकी वजह से वहां बवाल की आशंका के चलते आईपीएस अधिकारी सीओ थ्री अभिषेक वर्मा भारी फोर्स के साथ जमे रहे। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय अयूब खां चौकी, कोतवाली और दामोदर स्वरूप पार्क इलाके का जायजा लेते रहे। एडीजी अविनाश चंद्र पल-पल की रिपोर्ट डीजीपी को देते रहे। गनीमत रही कि शाम तक कहीं से किसी गड़बड़ी की खबर नहीं मिली। तब अफसरों ने चैन की सांस ली।