बरेली। वर्ष 2010 में शहर में हुए दंगे के दौरान थाने-चौकियों पर 35 जगह लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम वर्षों से बदहाल पड़े है। कहीं वायरिंग टूटी पड़ी है तो कहीं फ्रीकेव्सी इतनी कम कि आवाज ही नहीं सुनाई देती। यही हाल शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का है। इनमें कई तो अब काम भी नहीं करते। अयोध्या प्रकरण पर फैसले से संभावित तनाव को देखते हुए आठ साल बाद अब पुलिस-प्रशासन को अब पीए सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों की याद आई है। शुक्रवार शाम इनकी टेस्टिंग की जाएगी। जहां-जहां खराबी मिलेगी, दुरुस्त कराया जाएगा।
कंट्रोल रूम से ही जनता तक अपनी बात पहुंचाने की मंशा करीब तीस लाख रुपये खर्च करने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी। मार्च 2010 में शहर में दंगा हुआ था। दंगे के दौरान थानों और चौकियों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। लेकिन पब्लिक एड्रेस सिस्टम का कर्फ्यू के दौरान कोई खास उपयोग नहीं हो सका। फ्रीक्वेंसी कम होने की वजह से लाउडस्पीकर की आवाज आसपास के लोग ही नहीं सुन पाते हैं। कमिश्नर ने पीए सिस्टम पर जनता के नाम संदेश दिया तो उसे भी लोग नहीं सुन पाए। दंगे के बाद पुलिस प्रशासन ने पीए सिस्टम की सुध नहीं ली। बताते हैं कि कई जगह बंदरों ने वायरिंग काट दी है तो कहीं आंधी और बरसात से सिस्टम प्रभावित हुआ है। हालांकि पुुलिस विभाग की रेडियो शाखा के पास इनकी देखभाल की जिम्मेदारी है। सूत्र बताते हैं कि रेडियो शाखा ने इनका सामान्य मेंटिनेंस कराया है। शुक्रवार शाम पांच बजे करीब इनको टेस्ट किया जाएगा।
यहां लगा है पीएएस
पीएएस से सिटी और डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम, कोतवाली, स्टेशन चौकी, अयूब खां चौराहा चौकी, बिहारीपुर ढाल, थाना प्रेमनगर, कोहाड़ापीर, अशरफ खां छावनी, आवास विकास, डेलापीर, इज्जतनगर, किला, बाकरगंज, गढ़ी, मलूकपुर, मढ़ीनाथ, करगैना, बारादरी, कोतवाली, जगतपुर, कांकरटोला, रूहेलखंड यूनिवर्सिटी, श्यामगंज, मॉडल टाउन, किला, आजादनगर, सेटेलाइट बस स्टैंड, सीबीगंज और चौकी बैरियर वन चौकी जुड़े हैं।
सीसीटीवी की मॉनिटरिंग भी गड़बड़ाई
प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी पूरी तरह फिट नहीं हैं। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर करीब 58 सीसीटीवी लगे हैं। इनमें से कुछ को पुलिस ने तो कुछ को पब्लिक की मदद से लगाया गया। बताया जाता है कि इनमें से कुछ खराब हैं। इनकी मॉनिटरिंग संबंधित चौकी थाने से ही होती है। कई बार सिस्टम खराब होने पर भी लंबे समय तक चौकी-थाने से कंट्रोल रूम को सूचना नहीं दी जाती और बाद में किसी वारदात के बाद सिस्टम सही होता है। अब अयोध्या फैसले के मद्देनजर इन्हें भी दुरुस्त कराया जा रहा है।
‘पब्लिक एड्रेस सिस्टम की शुक्रवार को टेस्टिंग कराई जाएगी। इसमें कोई कमी होगी तो उसे दुरुस्त करा लेंगे। सीसीटीवी कैमरे भी दुरुस्त रखे जाएंगे। किसी गड़बड़ी की स्थिति में साक्ष्य के तौर पर पुलिस इनकी फुटेज का उपयोग करेगी।’
- रवींद्र कुमार, एसपी सिटी