बरेली। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने जब कोषागार में छापा मारा तो उस समय कंप्यूटर रूम कई बाहरी लोगों के हवाले था। दरअसल विधायक और सांसद ने भी तत्कालीन वित्त मंत्री से यही शिकायत की थी। वित्त मंत्री के छापे के दौरान भी बाहरी लोगों के काम करने के बारे में जब सीटीओ से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रिटायर्ड सहायक कोषाधिकारी अखलाक से वह कभी-कभी तकनीकी मदद लेते हैं। शहर विधायक डॉ. अरुण ने भी पिछले साल अखलाक के खिलाफ शिकायत की थी।