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पॉवर कारपोरेशन: मंत्री जी! स्टाफ फोन नहीं उठाता, नए कनेक्शन, बिल की गड़बड़िया नहीं सुनता.. करें क्या

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बरेली। ऊर्जा मंत्री एक बार फिर बरेली पहुंच रहे हैं। इससे विभागीय अफसरों की भले ही धड़कन बढ़ गई हो लेकिन निचले स्टाफ पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा। पिछले हफ्ते बरेली दौरे पर आए मंत्री के सामने शिकायतों का अंबार लगा था। इसमें पॉवर कारपोरेशन से संबंधित शिकायतें भी थीं, भले ही अफसरों ने ज्यादातर शिकायत निस्तारित कर दी हो लेकिन उपकेंद्रों पर अभी स्टाफ न तो फोन उठा रहा है, नए कनेक्शन के लिए चक्कर लगवाए जा रहे हैं। बिल सुधार के नाम पर उपभोक्ता का आर्थिक शोषण भी हो रहा है। आखिर ऐसी स्थिति में उपभोक्ता क्या करे। उपभोक्ता कहते हैं कि मंत्री जी कम से कम महीने में दो बार जरूर बरेली आएं। ताकि निचले स्टाफ की कार्यशैली में सुधार हो सके।
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शहर हो या देहात सब जगह लगभग स्थिति एक जैसी ही है। जिले में 89 उपकेंद्र हैं। अवर अभियंताओं की कमी के चलते एक जेई के पास अधिक काम भले ही है लेकिन लोग अभी भी परेशान हैं। ये बात विभागीय अफसर भी मानते हैं। पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि नए कनेक्शन लेने वालों का दौड़ाया न जाए और बिल करेक्शन भी तुरंत हों। उन्होंने कटौती, फाल्ट या ट्रिपिंग आदि ज्यादा होने पर इसकी जानकारी एसएमएस या व्हाट्सएप से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, पत्रकार और प्रमुख उपभोक्ताओं को देने के निर्देश दिए थे। स्थिति ये है कि किसी भी उपकेंद्र प्रभारी ने अभी तक ऐसा ग्रुप ही नहीं बनाया है जिससे लोगों को सप्लाई संबंधी जानकारी मिल सके। नए कनेक्शन देने में स्टाफ कैसे परेशान करता है इसका उदाहरण पिछले दिनों चीफ इंजीनियर कार्यकाल में देखने को मिला। कांधरपुर क्षेत्र से आए एक फौजी जयवीर सिंह यादव ने अपनी व्यथा सुनाई कि वे काफी समय से आवास के कनेक्शन के लिए दौड़ रहा है लेकिन जेई टहला रहे हैं। इस पर चीफ इंजीनियर ने स्टाफ पर नाराजगी जताई थी और निर्देश दिए कि कनेक्शन न देने की वजह आवेदन पत्र पर संबंधित स्टाफ लिखे। लेकिन अभी तक फौजी को कनेक्शन नहीं मिला। यही स्थिति बिल करेक्शन को लेकर है। लोगों के घरों पर अनाप शनाप बिल पहुंच रहे हैं। नई एजेंसी पुराने एरियर लगाकर बिल थमा रही है। दफ्तर में पहुंचने पर लोगों का बिल सही करने के बजाय परेशान किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में आखिर उपभोक्ता क्या करे, क्योंकि निचले स्तर पर अपेक्षित सुधार फिलहाल नहीं हो पाया है।

दो जेई बदले
विभिन्न शिकायतों और अभद्र व्यवहार के चलते रिठौरा के जेई अमित कुमार को बदायूं स्थानांतरित किया गया है। कैंट उपकेंद्र से रामसेवक को हटाकर रिठौरा तैनाती मिली है। बताया जा रहा है कि अभी कुछ और जेई की शिकायतें लंबित हैं, ये शिकायतें पिछले दिनों मंत्री जी को मिली थी। इनकी जांच हो रही है, आरोप सही मिलने पर ट्रांसफर आदि की कार्रवाई होगी। हालांकि प्रभारी मंत्री के आगमन को लेकर अधिकारी-कर्मचारी देर रात तक काम करते रहे।
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