बरेली। पिछले साल जिला अस्पताल का तत्कालीन वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने दौरा किया था और बृहस्पतिवार को जिले के नए प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा पहुंचे लेकिन जिला अस्पताल वैसे का वैसे ही मिला। हमेशा की तरह हर तरफ गंदगी का राज तो था ही, साथ आरओ भी खराब पड़ा मिला तो प्रभारी मंत्री बुरी तरह भड़क गए। अफसरों से दो टूक कहा- 15 दिन की मोहलत दे रहा हूं। सारी व्यवस्थाएं सुधार लीजिए। फिर आऊंगा और तब भी अव्यवस्थाएं मिली तो कोई सूरत नहीं कि आप नपने से बच पाएं। प्रभारी मंत्री करीब एक घंटे तक जिला अस्पताल में रहे। इस दौरान सहमा अस्पताल प्रशासन लगातार अपनी कमियों पर पर्दा डालने की कोशिश करता दिखा।
प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा का जिला अस्पताल निरीक्षण का कार्यक्रम पहले से तय था। वह बुधवार शाम को ही बरेली पहुंच गए थे। निरीक्षण को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन बुधवार को तैयारियों में जुटा रहा। देर रात तक यहां काम कराए जाते रहे। इसके बावजूद निरीक्षण में अस्पताल प्रशासन की किरकिरी हो ही गई। प्रभारी मंत्री सुबह करीब आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उनके साथ डीएम वीरेंद्र सिंह, सीडीओ सतेंद्र कुमार, सीएमओ डॉ. वीके शुक्ला भी थे। अस्पताल पहुंचते ही प्रभारी मंत्री का ध्यान गंदगी पर गया। यह देख उनकी भौहें चढ़ गईं। उन्होंने सीएमएस डॉ. टीएस आर्य को फटकार लगा दी। उन्होंने इमरजेंसी, बच्चा वार्ड, ओपीडी और ब्लड बैंक का भी जायजा लिया। बच्चा वार्ड में अव्यवस्थाएं मिलने पर सुधार के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के पीने के पानी के लिए लगे आरओ का पानी खुद पीकर जांचा। पता लगा कि आरओ ठीक से काम नहीं कर रहा। उन्होंने इसे ठीक कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री का साफ-सफाई पर ज्यादा जोर रहा। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बात की उनको मिलने वाले भोजन और दवाओं की उपलब्धता के बारे में भी जाना।
सफाई पर रहा सबसे ज्यादा फोकस
प्रभारी मंत्री शर्मा का स्वच्छता पर सबसे ज्यादा फोकस रहा। अस्पताल के निरीक्षण के बाद निकलते समय उन्होंने कुछ मिनट प्रेस से भी बात की। बताया कि निरीक्षण में कई अव्यवस्थाएं मिली हैं। इन्हें दुरुस्त कराने के लिए अफसरों को कह दिया गया है। जहां कमियां हैं उनको 15 दिन के भीतर दूर करने के निर्देश दिए हैं। प्रयास है कि सभी अस्पताल स्वच्छता मानक पर खरे हों। हमारी सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने को अभियान शुरू किया है। प्रधानमंत्री के जन्म सप्ताह को देश भर में स्वच्छता ही सेवा के रूप में मनाया जा रहा है। निश्चित ही देश भर से इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
खैर हो गई कि डायलिसिस यूनिट नहीं पहुंचे मंत्री
प्रभारी मंत्री जिला अस्पताल के ही सामने स्थित डायलिसिस यूनिट नहीं पहुंच सके। अगर वह डायलिसिस यूनिट जाते तो कई पर कार्रवाई हो सकती थी। वजह ये है कि एक ओर मंत्री जिला अस्पताल में निरीक्षण कर रहे थे और दूसरी ओर डायलिसिस यूनिट परिसर में कूड़े का ढेर जल रहा था। गनीमत रही इससे उठ रहे धुएं पर उनका ध्यान नहीं गया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री का सबसे ज्यादा फोकस स्वच्छता पर ही था। निरीक्षण के दौरान अगर उनकी नजर डायलिसिस यूनिट में जल रहे कूड़े के ढेर पर गई होती तो कार्रवाई हो सकती थी।