बरेली। बेटी को अपने पास रखने के लिए फरहत नकवी के पति की ओर से कोर्ट में किए मुकदमे में आज फरहत ने जज्बाती अंदाज में अपना पक्ष रखा। कोर्ट में दिए हलफनामे में उन्होंने कहा कि मैने अपनी सारी जिंदगी अपनी बेटी के नाम कर दी है। उसकी परवरिश की खातिर मैने दूसरी शादी तक नहीं की। कोई भी आदेश करने से पहले एक बार अदालत उस बच्ची से भी पूछे कि वह किसके साथ रहना चाहती है। मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय सिंह की अदालत में है।
फरहत नकवी ने कहा कि उसके खिलाफ यह मुकदमा उसे परेशान करने की नीयत से किया गया है। बेटी को हासिल करने का मुकदमा उस वक्त किया गया जब वह दस साल की हो गई है। इससे पहले कभी कोई अर्जी नहीं दी गई। फरहत ने कहा कि वह अपनी बेटी की परवरिश उसके पिता से ज्यादा बेहतर ढंग से कर सकती है क्यों कि वह पोस्ट ग्रेजुएट है और बेटी की कस्टडी मांगने वाला मात्र बीए पास है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने उसके व उसकी बेटी के लिए गुजारा भत्ता तय किया है वह भी उसको नियमित नहीं मिलता, ऐसे में बेटी की बेहतर परवरिश वहां कैसे हो सकती है।
फरहत नकवी के पति रेहान ने अपनी धेवती की अभिरक्षा हासिल करने के लिए कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि वह उसको बेहतर तरीके से पालते आ रहे हैं और आगे भी पाल सकते हैं। वह उसे भरपूर प्यार देने में सक्षम हैं। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर तिथि तय की है।