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शहर भर में हुई पुलिस की जगहंसाई तो अब पुलिसिया चाल दिखाई

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बरेली। एसपी ट्रैफिक के दफ्तर से खींचकर उनके क्रेन ड्राइवर की पुलिस लाइन में जमकर पिटाई किए जाने के मामले में पुलिस महकमे की जमकर फजीहत होने के बावजूद अफसरों ने तो दूसरे दिन भी बहुत साफ रुख नहीं दिखाया और दबाव में आया पीड़ित क्रेन ड्राइवर मोरपाल भी सामने नहीं आया लेकिन क्रेन पर बतौर हेल्पर तैनात रामबहादुर को यह बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई तो उसने शुक्रवार को कोतवाली जाकर व्यापारी नेता देवेंद्र जोशी और उनके साथियों के खिलाफ तहरीर दे दी। इसके बाद पुलिस के अफसरों को भी इस मामले में आगे बढ़ना पड़ा लिहाजा देवेंद्र जोशी और उनके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई। इससे पहले सुबह एसपी ट्रैफिक ने उच्चाधिकारियों के सामने भी पुलिस लाइन में क्रेन ड्राइवर के साथ मारपीट की घटना होने से इनकार कर दिया था।
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ट्रैफिक पुलिस की दो क्रेन और कई टो वैन शहर में उन गाड़ियों को उठाकर पुलिस लाइन लाने का काम करती हैं जिन्हें ट्रैफिक जाम की परवाह किए बगैर सड़कों पर खड़ा छोड़ दिया जाता है। बृहस्पतिवार दोपहर ट्रैैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल उमेश प्रकाश और कांस्टेबल बनवारी लाल ने कंपनी गार्डन रोड पर आईएमए के सामने खड़ी व्यापारी नेता देवेंद्र जोशी की कार क्रेन से उठवाने की कोशिश की तो हंगामा हो गया था। हालांकि मौके पर ही देवेंद्र जोशी से नोकझोंक होने के बाद ट्रैफिक पुलिस का स्टाफ उनकी कार वहीं छोड़कर क्रेन के साथ खाली हाथ लौट गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उप्र उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष शोभित सक्सेना और कई और व्यापारियों के साथ देवेंद्र जोशी पुलिस लाइन में एसपी ट्रैफिक के दफ्तर पहुंच गए। पहले तो व्यापारियों ने एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार को जमकर खरीखोटी सुनाई और फिर जब इसी बीच क्रेन ऑपरेटर मोरपाल अपने हेल्पर रामबहादुर के साथ व्यापारी नेता की बदसलूकी की एसपी ट्रैफिक से शिकायत करने पहुंचा तो उसे खींचकर बाहर ले गए। दफ्तर के बाहर पुलिस लाइन में एसपी ट्रैफिक के सामने ही मोरपाल की जमकर धुनाई की गई। एसपी ट्रैफिक इस दौरान व्यापारियों को मनाने की कोशिश करते रहे। बाद में मोरपाल से ही माफी मंगवाकर मामला रफादफा भी कर दिया।
शुक्रवार को यह घटना अखबारों की सुर्खियां बनने से पुलिस की जमकर फजीहत हुई लेकिन अफसरों ने फिर भी कोई कदम नहीं उठाया। व्यापारियों के हाथों पिटा क्रेन ड्राइवर मोरपाल भी गायब हो गया। उसने पूरे दिन अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ रखा लेकिन शाम को करीब छह बजे कोतवाली पहुंचे क्रेन पर मोपाल के साथ बतौर हेल्पर तैनात रामबहादुर ने पुलिस को तहरीर दे दी। सूत्रों के मुताबिक कोतवाली पुलिस ने इसके बाद आला अफसरों से बात की। रात करीब साढ़े नौ बजे रामबहादुर की तहरीर पर व्यापारी नेता देवेंद्र जोशी और उनके कई साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। एफआईआर में जोशी के साथियों के नाम नहीं खोले गए हैं।
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डीआईजी ने पूछा तो एसपी ट्रैफिक ने कर दिया मारपीट होने से इनकार
एसपी ट्रैफिक के दफ्तर में भारी हंगामे और क्रेन ड्राइवर से उनके साथ तमाम पुलिस वालों के सामने मारपीट की घटना के बाद शुक्रवार की सुबह भी अफसरों ने इस घटना को लेकर बहुत ज्यादा सख्त रुख नहीं दिखाया। सूत्रों के मुताबिक डीआईजी ने सुबह एसपी ट्रैफिक से इस संबंध में बात की तो उन्होंने क्रेन ड्राइवर के साथ मारपीट की घटना होने से ही इनकार कर दिया। यह भी बताया कि जो विवाद हुआ था, वह निपट गया है और क्रेन का स्टाफ भी कोई कार्रवाई नहीं चाहता। अखबारों में क्रेन ड्राइवर के साथ मारपीट के फोटो छपे होने के बावजूद अफसर चुपचाप बैठे रहे। यहां तक कह दिया कि जब क्रेन ड्राइवर ही कार्रवाई नहीं चाहता तो वे क्या करें। शाम को क्रेन के हेल्पर रामबहादुर ने तहरीर दी तब कहीं इस मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई।

गालीगलौज कर क्रेन से उतरवा ली कार फिर पुलिस लाइन आकर पीटा
क्रेन के हेल्पर रामबहादुर ने अपनी तहरीर में कहा है कि वह और क्रेन ड्राइवर मोरपाल हेड कांस्टेबल उमेश प्रकाश और कांस्टेबल बनवारी के कहने पर प्रभा टॉकीज के सामने सड़क पर जाम लगा रही कार को क्रेन से उठाकर लाने लगे तभी मढ़ीनाथ निवासी देवेंद्र जोशी ने कई लोगों के साथ आकर उनके साथ गालीगलौज और धक्कामुक्की की और जबरन अपनी कार क्रेन से उतरवा ली। हेड कांस्टेबल के कहने पर वे लोग उनकी कार वहीं छोड़कर एसपी ट्रैफिक को पूरा वाकया बताने पुलिस लाइन पहुंचे। एसपी ट्रैफिक से शिकायत करके उनके दफ्तर से बाहर निकलते ही जोशी समेत कई लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उनके शोर मचाने पर पहुंचे पुलिस वालों ने उन्हें बचाया।

मीडिया से बोले जोशी- एसपी ट्रैफिक ने मांगी माफी
देवेंद्र जोशी ने शुक्रवार सुबह अखबारों में छपी खबरों को अपने फेसबुक एकाउंट पर डाला। इसके साथ मीडिया को भी बताया कि बृहस्पतिवार को उनका उत्पीड़न किया गया था। इस पर एसपी ट्रैैफिक सुभाष चंद्र गंगवार ने खेद जताते हुए न सिर्फ खुद उनसे और उनके व्यापारी साथियों से माफी मांगी थी बल्कि क्रेन स्टाफ से भी माफी मंगवाई थी।

क्रेन के हेल्पर की तरह से तहरीर मिल गई है। आरोपों के मुताबिक रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है। मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी

जिला अस्पताल में भी मारपीट पर मचा था बवाल
सूबे में 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद कुछ समय बाद ही भाजपा नेताओं के जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पर भी काफी बवाल मचा था। मारपीट होने के बाद अस्पताल का स्टाफ उन पर बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कोतवाली पहुंच गया था। अस्पताल स्टाफ और नेताओं ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए थे। तब भी इस घटना में देवेंद्र जोशी का नाम आया था। नेताओं ने स्टाफ पर अस्पताल की कमियां उजागर करने पर हमलावर होने का आरोप लगाया था। देवेंद्र जोशी ने एक वार्ड ब्वाय पर मारपीट और चेन लूूटने का आरोप भी लगाया था। स्टाफ ने नेताओं पर अभद्रता और नर्स से छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे। घटना के विरोध में अस्पताल की इमर्जेंसी सेवाएं भी बंद रखी थीं।
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