बरेली। शहर के एक मशहूर कॉन्वेंट स्कूल के बंद कमरे में महिला शिक्षक को थप्पड़ मारने और फिर बच्चों के सामने माफी मंगवाने के मामले में स्कूल प्रबंधन ने तो चुप्पी साध ली है, लेकिन स्कूल के दूसरे शिक्षकों में इस घटना के बाद गुस्से और मायूसी का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि यह ठीक है कि वे आजीविका के लिए स्कूल में नौकरी कर रहे हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं हुईं तो उद्दंड छात्र शिक्षकों का सम्मान करना भूल जाएंगे और उन्हें पढ़ाना मुश्किल हो जाएगा। बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए मेसेजों में निशाना बने मेयर उमेश गौतम और स्कूल प्रबंधन तो इस घटना को कोरी अफवाह करार दे चुके हैं लेकिन यह सवाल अब भी कायम है कि आखिर महिला शिक्षक को अपने बेटे के सामने थप्पड़ मारकर बेइज्जत करने वाले नेताजी थे आखिर कौन। इस बीच सोशल मीडिया के जरिये शहर में फैली यह खबर शुक्रवार को भी पब्लिक के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
बृहस्पतिवार को कई व्हाट्सएप ग्रुपों में एक निजी कॉन्वेंट स्कूल में महिला शिक्षक को थप्पड़ मारने की घटना जबर्दस्त चर्चा में रही थी। लोगों ने इस घटना पर जबर्दस्त कमेंट देते हुए इस घटना की आलोचना की। सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा के मुताबिक महिला शिक्षक को थप्पड़ मारने वाले नेता जी का बेटा स्कूल में 12वीं का छात्र है। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11.30 बजे वह कुछ साथियों के साथ स्कूल कैंपस में खड़ा था। उसी दौरान एक महिला शिक्षक अपनी क्लास के बच्चों की कतार के साथ निकलीं तो उन्होंने रास्ते में खड़े नेताजी के बेटे को हाथ पकड़कर हटा दिया। इस पर उसने शिक्षक के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। शिक्षक से यहां तक कह दिया कि ‘हाऊ डेयर यू’ यानी तुम्हारी ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई। इस पर शिक्षक उसे पास बुलाकर एक थप्पड़ मारते हुए कहा- आई एम योर टीचर।
बताया जाता है कि इससे नेताजी का बेटा बुरी तरह बौखला गया और उसने नेता जी को फोन कर दिया। 12 बजकर 5 मिनट पर नेता जी स्कूल में जा धमके। एक कमरे में उन्होंने अपने बेटे को थप्पड़ मारने वाली शिक्षक को बुलाया और कमरा बंद कराकर बेटे की मौजूदगी में ही उसे पहले हड़काया और फिर थप्पड़ मारा। इसके बाद शिक्षक को लेकर बाहर निकले और स्कूल के बच्चों सामने उससे माफी मंगवाई। इस घटना को स्कूल प्रबंधन तो नकार चुका है लेकिन स्कूल के शिक्षकों में आक्रोश का माहौल है। साथी शिक्षकों ने पीड़ित महिला शिक्षक को नेता के खिलाफ रिपोर्ट कराने को भी कहा। मगर उन्होंने अपनी बेटी और उसकी एकमात्र अभिभावक होने की बात कहते हुए विवाद को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
छात्रों को दिया नंबर.. टीचर मारें तो मुझे बताएं
बताया जाता है कि माफी मंगवाने के बाद नेता जी ने स्कूल के बच्चों को अपना मोबाइल नंबर भी नोट कराया। बोले- अब अगर कोई टीचर किसी से बदतमीजी करें या मारपीट करें तो उन्हें बताएं, वह उस टीचर से निपट लेंगे।
सीसीटीवी में पूरा वाकया पर दबा गए
स्कूल से जुड़े कुछ लोगों ने बताया कि थप्पड़ तो बंद कमरे में मारा गया लेकिन बाकी घटनाक्रम स्कूल में लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गया है। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन मामले को दबाने में जुटा है।