बरेली। पुराना शहर के कटरा चांद खां इलाके से निकलने वाली ऐतिहासिक दधिकांधो शोभायात्रा रविवार को शुरू होने से पहले झांकियों पर डीजे सिस्टम लगाने पर पुलिस अफसरों ने एतराज किया तो झांकिया सजा रहे युवक बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने शोभायात्रा में ही जाने से इनकार कर दिया तो अफरातफरी मच गई। सीओ ने हाईकोर्ट के डीजे पर पाबंदी लगाने की बात कही तो आयोजकों ने भी डीजे पर एतराज करना शुरू कर दिया। काफी देर तक जद्दोजहद के बाद करीब दो-तिहाई झांकियां शोभायात्रा से अलग हो गईं। लाउडस्पीकरों के साथ एक-तिहाई झांकियां ही शोभायात्रा में शामिल हुईं।
शहर में जन्माष्टमी के बाद विशाल दधिकांधो शोभायात्रा निकाली जाती है। कटरा चांद खां के मौर्य मंदिर के पास से निकलने वाली यात्रा पुराना शहर इलाके में घूमते हुए करीब 12 घंटे बाद आधी रात में मौर्य मंदिर पर लौटकर समाप्त होती है। रविवार को सुबह दस बजे शोभायात्रा शुरू होनी थी। कई डनलप और ट्रैक्टर ट्राली मंगाकर बीस से ज्यादा झांकियां निकालने की तैयारी थी। इस बीच कुछ युवकों ने अपनी झांकियों पर डीजे लगवाने शुरू कर दिए। पार्षद छंगामल मौर्य को सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंच गए। युवकों से कहा कि हाईकोर्ट का आदेश हो चुका है कि डीजे नहीं बजेगा। ऐसे में डीजे लगवाकर फिजूल मुकदमा झेलने की जरूरत नहीं है। कुछ युवक यह बात मान गए तो कुछ नाराज हो गए। सूचना पर सीओ थर्ड कुलदीप कुमार और इंस्पेक्टर बारादरी राहुल सिंह भी आ गए। उन्होंने भी युवकों को समझाया। कुछ युवकों का कहना था कि बिना डीजे शोभायात्रा में डांस ही नहीं हो सकेगा तो पुलिस ने सलाह दी कि वे लोग चाहें तो ज्यादा लाउडस्पीकर लगा लें लेकिन युवक नहीं माने और गुस्सा होकर अपनी झांकियां ले जाने से इंकार कर दिया। कई लोग घरों में बैठ गए। दोपहर करीब एक बजे पार्षद छंगामल मौर्य, स्थानीय व्यापारी नेता लक्ष्मी साहू आदि ने शोभायात्रा शुरू करा दी।
इसी जुलूस में हुआ था बवाल
पुलिस इस शोभायात्रा को लेकर तनाव में थी। 2012 में इस यात्रा में बवाल के बाद शहर में कई दिन तक कर्फ्यू लगाना पड़ा था। तब जो मुकदमा दर्ज हुआ उसमें करीब 38 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इनमें से कुछ की मौत हो चुकी है। कई लोग बुजुर्ग और बीमार हैं जो अब तक तारीखें करने कोर्ट जाते हैं। पार्षद ने यही बात लोगों को समझाई तो अधिकांश लोग मान गए। शाम ढले कई नाराज युवक जगतपुर में जाकर शोभायात्रा में शामिल हो गए।
सुबह कुछ युवक अपनी झांकियों पर डीजे लगाना चाहते थे। इन्हें हाईकोर्ट के आदेश के बारे में बताकर समझा दिया गया। नेताओं ने भी खुद डीजे हटवा दिए। शोभायात्रा में एक भी डीजे नहीं लगा, सब शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया। - कुलदीप कुमार, सीओ थर्ड