बरेली। योगी कैबिनेट में नगर विकास विभाग के राज्यमंत्री बने बदायूं विधायक महेश गुप्ता बृहस्पतिवार रात सर्किट पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान महेश गुप्ता ने कहा कि उनका सबसे पहला काम विभाग में पारदर्शिता लाना है। नगर पालिका में अब तक जो होता रहा है, वह अब नहीं होगा।
विकास की कार्य योजना पर महेश गुप्ता ने बताया कि बदायूं जिस तरह से उन्होंने जुटकर काम कराए हैं, वैसे ही अब पूरे प्रदेश में होंगे। स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट अब तक सिर्फ फाइलों में होने के सवाल पर कहा कि यही सब दुरुस्त करने के लिए मुझे जिम्मेदारी दी गई है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जिस तरह काम करते हैं, वैसे ही काम करने का मेरा भी प्रयास होगा। नगर निगम में मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के टकराव पर कहा, अब सबका समाधान कराया जाएगा। लालफाटक और चौपुला के पुलों के निर्माण की सुस्त रफ्तार पर भी ध्यान देने की बात कही और जल्द पूरा कराने की बात कही। प्राथमिकता के सवाल पर कहा, नगर पालिका में अब तक जो हुआ, वह अब नहीं होगा। सब जानते हैं कि मैं जो कहता हूं, वह करता भी हूं। 30 नवंबर 2008 को मैंने आतंकवाद का खात्मा न होने तक अन्न ग्रहण न करने का संकल्प लिया था, जिसे 26 मई 2014 को मोदी सरकार बनने को बाद ही तोड़ा, जब आतंकवाद के खात्मे का भरोसा हो गया। बाकरगंज में कूड़ा निस्तारण, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसे मुद्दे पर जल्दी अफसरों के साथ बैठक कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की बात कही।
गायब रहे निगम अफसर
मंत्री के आगमन की सूचना पर सिर्फ सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ही सर्किट हाउस पहुंचे। नगर निगम का कोई अधिकारी न पहुंचने पर लोगों के बीच वहां चर्चा भी रही। वहीं, रात में युवा मोर्चा के कुछ पदाधिकारी छोड़कर भाजपा के वरिष्ठ नेता भी नहीं पहुंचे।
राजेश की कमी पूरी करेंगे सुरेश खन्ना
बरेली। योगी कैबिनेट ने बृहस्पतिवार को मंत्रियों को नए सिरे से विभाग आवंटित किए हैं। दो मंत्रियों के इस्तीफे के बाद बरेली जिले को भले ही झटका लगा हो लेकिन सुरेश खन्ना को वित्तमंत्री बनाए जाने से लोगों के बीच खुशी का माहौल है।
जिले में नौ भाजपा विधायक होने के बावजूद योगी कैबिनेट से पत्ता साफ होने से शहरवासियों को निराशा हाथ लगी। इसको लेकर लोगों के बीच खूब चर्चाएं भी हो रही हैं। वहीं, बृहस्पतिवार रात को कैबिनेट में मंत्रालय का बंटवारा हुआ तो सुरेश खन्ना को वित्तमंत्री बनाने की खबर ने लोगों का गम काफी हद तक कम कर दिया। बता दें कि पड़ोसी जिले से होने के चलते लोगों को उम्मीद है कि बरेली के विकास को अब झटका नहीं लगेगा। इसको लेकर शहर के व्यापारी वर्ग में खासा खुशी का माहौल है।