बरेली। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखे गए पत्र की भाषा यूं तो बेहद सामान्य है, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में उम्मीद जताई जा रही है कि यह चिट्ठी आने वाले समय कोई बड़े गुल खिला सकती है। दरअसल यह चिट्ठी इस बात की ओर साफ इशारा है कि अगर संतोष गंगवार कांटे के मुकाबले में फंसे होते तो निर्वाचन तंत्र की ऐसी चूक उन पर भारी भी पड़ सकती थी। फिलहाल कोई यह बात आधिकारिक तौर पर कह नहीं रहा है, लेकिन भाजपा नेताओं के बीच साजिश की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। यह जांच कराने पर भी जोर दिया जा रहा है कि कहीं और बूथों पर भी तो ऐसी ही हेराफेरी नहीं हुई है।
कालीबाड़ी के विष्णु बाल सदन के बूथ नंबर 290 के कक्ष संख्या एक में भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ पांच वोट मिलने के मामले में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से लिखे गए पत्र पर जिला प्रशासन की ओर से भले ही बड़े सहज ढंग से दिए गए जवाब में इसे विष्णु बाल सदन मतदान केंद्रों के दो बूथों के वोटों का रिकॉर्ड आपस में इधर-उधर हो जाने का मामला बता दिया गया हो, लेकिन अंदरखाने यह प्रशासन के अफसर भी मान रहे हैं कि मतगणना के आंकड़ों को दर्ज करने की जो प्रक्रिया है, उसमें यह चूक होना मुश्किल है। फिर भी यह चूक हुई तो काफी गंभीर मामला है। बहरहाल संतोष गंगवार की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को इस बाबत पत्र लिखे जाने से यह साफ हो गया है कि प्रशासन को इस मामले में बाकायदा जांच करानी पड़ेगी और इस वजह से यह मामला निर्वाचन आयोग तक भी पहुंचेगा। ऐसी स्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े बड़े अफसरों को भी इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी।
उधर, भाजपा नेता यह कहकर इस मामले में साजिश होने की आशंका जता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में ज्यादातर सरकारी अफसर यूपी के साथ मंडल की ज्यादातर सीटों पर सपा-बसपा गठबंधन की जीत का दावा कर रहे थे। सिर्फ बरेली सीट पर ही भाजपा प्रत्याशी को मजबूत माना जा रहा था। लिहाजा यह हो सकता है कि संतोष गंगवार को हराने के लिए कोई साजिश की गई हो। अगर उनके और उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के बीच 1.67 लाख वोटों जैसा बड़ा अंतर न होता तो कालीबाड़ी जैसी वोटों की यह लौट-पलट उनका काम तमाम कर सकती थी। यह भी गौरतलब है कि विष्णु बाल सदन पोलिंग स्टेशन प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल का आवासीय इलाका है। हालांकि वित्त मंत्री उन दिनों शहर में नहीं थे लेकिन मतगणना परिणाम आने के बाद यह सवाल भी उठे थे कि उनके इलाके में भाजपा को इतने कम वोट कैसे मिले।
पत्र लीक होने पर भाजपाई नाराज
भाजपा नेताओं ने डीएम कार्यालय से मंत्री का पत्र लीक होकर मीडिया तक पहुंचने पर भी आश्चर्य जताया है। उनका कहना है कि हो सकता है कि इसमें भी सिस्टम कोई सियासत कर रहा हो। भाजपाइयों ने डीएम के उस बयान को भी गैर जिम्मेदाराना बताया है जिसमें उन्होंने इसे वोटों के आंकड़े इधर-उधर हो जाने की बात कही थी। उनका कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि चुनाव में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं रची गई थी।
चार घंटे रुका रहा था परिणाम, डटे रहे थे संतोष
भाजपा नेताओं का कहना है कि 23 मई को मतगणना के दिन शाम तक सब कुछ साफ हो गया था। इसके बावजूद जिला निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित करने और आंकड़े क्रमबद्ध करने के नाम पर चार घंटे से ज्यादा वक्त लगा दिया था। भाजपा प्रत्याशी संतोष गंगवार इसके चलते काफी देर मतगणना स्थल पर ही रुके रहे और फिर खिन्न होकर वापस चले आए थे। रात करीब 11 बजे परिणाम अधिकृत तौर पर घोषित कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया था।
तो अब फार्म सी 07 ही गलत हो गया
चार घंटे से ज्यादा समय तक आंकड़े दुरुस्त करने के नाम पर चुनाव परिणाम घोषित नहीं किया गया। मतगणना अभिकर्ताओं से कह दिया गया कि अभी आंकड़े मिलाए जा रहे हैं जबकि विपक्षी प्रत्याशी शाम होने से पहले ही वहां से खिसकने लगे थे। फार्म सी 07 पर बूथवार आंकड़े भी पूरे अध्ययन के बाद ही भरे जाते हैं जिसके बाद ही निर्वाचन अधिकारी और संबंधित स्टाफ के इस पर हस्ताक्षर होते हैं। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी भी इस हस्ताक्षर करते हैं। सवाल उठ रहा है कि कड़ी प्रक्रिया के बावजूद यह चूक कैसे हो गई।
संतोष जी का समर्थन करता हूं.. ईवीएम में गड़बड़ी हुई: ऐरन
कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा है कि वह इस मामले में संतोष जी के पत्र का समर्थन करते हैं। कांग्रेस और उन्होंने पहले ही ईवीएम में हेराफेरी होने की आशंका जता दी थी। जो वोट उनके होने चाहिए थे, उन्हें दूसरे के खाते में दिखा दिया गया। इस तरह की गड़बड़ी से सिर्फ कालीबाड़ी में नहीं बल्कि सभी स्थानों पर परिणाम पलट गए। इससे यह भी साफ हो गया है कि मशीनों में वाकई गड़बड़ी थी।
संतोष बोले- ईवीएम में नहीं रिकार्ड में बताई थी गड़बड़ी
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि अब प्रशासन इस मामले में चूक मान रहा है लेकिन यह गंभीर विषय है। किसी के वोट किसी दूसरे प्रत्याशी के कॉलम में न चढ़ जाएं या ऊपर नीचे न हों, यही देखना अफसरों का काम है। ऐसा होता है तो सरकार और सिस्टम दोनों बदनाम होते हैं। इसी कारण हमने यह पत्र लिखा है। जवाब आने का इंतजार है। ईवीएम में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न थी न है। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न पत्र में ऐसी आशंका जताई है। कुछ ऐसे अज्ञानी लोग इस पर बेवजह बोल रहे हैं जो सिस्टम के बारे में जानते ही नहीं या उनके पत्र का उन्हें ज्ञान नहीं हैं। कुछ भी बोलना आसान होता है। पत्र उन्होंने लिखा है, इस पर प्रतिक्रिया कोई और करे तो समझ में आना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है।
कितने बूथों की गिनती और इधर-उधर हुई डीएम बताएं: भगवत
गठबंधन प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार ने कहा है कि डीएम को यह भी बताना चाहिए कि कितने और बूथों पर गिनती में ऐसी ही गड़बड़ी हुई है। हर कोई जानना चाहता है कि बरेली लोकसभा क्षेत्र में और ऐसे कितने बूथ हैं, जिनके वोट इधर से उधर हो गए हैं। वह भी अपने आंकडे़ निकलवा रहे हैं, फिर उनका मिलान भी कराएंगे। आज वह बाहर हैं, लेकिन मंगलवार तक लौट आएंगे और फिर डीएम से मिलकर इस बारे में बात भी करेंगे।