मीरगंज/फतेहगंज पश्चिमी। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर सपा सांसद आजम खां के बेटे और स्वार टांडा सीट से विधायक अब्दुल्ला आजम की गिरफ्तारी के विरोध में रामपुर जा रहे सपाई रास्ते में ही दो खेमों में बंटे नजर आए। रामपुर जाने के नाम पर सपाइयों के रेले मीरगंज में इकट्ठे हुए और वहीं गिरफ्तारी भी दे दी। हालांकि इस दौरान पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार सड़क पर लेट गए तो पुलिस से उनकी खींचातानी भी हुई। मगर गिरफ्तारी के बाद सपाइयों को कहां ले जाया जाएगा, इसको लेकर पुलिस की कोई प्लानिंग भी नहीं थी और फतेहगंज पश्चिमी थाने ले जाकर रिहा कर दिया गया।
सपाइयों के प्रदर्शन को देखकर ऐसा नजर आया कि जैसे रामपुर जाने की उनकी प्लानिंग सिर्फ दिखावा भर थी। बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे मीरगंज में अनुविश डिग्री कॉलेज पर पुलिस चौकी के सामने सपाइयों के गुट इकट्ठे हुए। एक गुट में पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, महिपाल सिंह यादव, सुल्तान बेग, सूरज यादव, जफर बेग, योगेश यादव, खुसरो मिर्जा आदि थे और दूसरे गुट में पूर्व मंत्री अताउर्रहमान, पूर्व जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद, प्रमोद यादव आदि थे। सपाइयों के इकट्ठे होने से पहले ही पुलिस भी वहां जमा थी। सपाई रामपुर जाने का दिखावा कर रहे थे और पुलिस उन्हें रोकने का। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह, सीओ मीरगंज रामानंद राय और एसडीएम राजेश चंद्र भी पहुंच गए। सभी को इकट्ठा करके कॉलेज में पहुंचाकर अधिकारियों ने गिरफ्तारी की घोषणा की। उसके बाद सपाइयों का प्रदर्शन शुरू हुआ। कुछ लोग कॉलेज का गेट कूदकर सड़क पर नारेबाजी करने लगे तो भगवत सरन गंगवार और सुल्तान बेग सड़क पर लेट गए। अताउर्रमान गुट बस पर चढ़कर नारेबाजी करने लगा। इस दौरान सपाइयों को हटाने को लेकर धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद सपाई जेल ले जाने की बात कहने लगे तो पुलिस के पास कोई जवाब नहीं था क्योंकि यह तय ही नहीं था कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें कहां ले जाना है। करीब 15-20 मिनट की माथापच्ची के बाद अफसर उन्हें बसों में भरकर फतेहगंज पश्चिमी थाने लेकर पहुंचे। थाने पहुंचे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने बिना किसी मुचलके के सपाइयों को रिहा करा दिया गया। इस दौरान प्रमोद बिष्ट, सत्येंद्र यादव, संजीव यादव, हरीशंकर यादव, भूपेंद्र कुर्मी, अरविंद गंगवार, दीपक शर्मा, हैदर अली, प्रदीप मौर्य, शमीम सुल्तानी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।