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पुलिस लाइन में पुजना था अखिलेश को तो योगी जी क्यों ढीली करें अंटी

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बरेली। मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव की कुर्सी क्या गई कि पीडब्ल्यूडी के करीब 45 लाख रुपये के भुगतान पर भी ग्रहण लग गया। समाजवादी शासन में पुलिस लाइन में डायल 100 के उद्घाटन कार्यक्रम पर खर्च हुई इस रकम के भुगतान के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की ओर से पुलिस विभाग को चिट्ठी पर चिट्ठी भेजने के बावजूद योगी सरकार में कोई अफसर उनकी सुन ही नहीं रहा। हारकर पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ने इस बार सीधे पुलिस महानिदेशक को चिट्ठी लिखी है। अफसरों का कहना है कि तीन साल बाद भी भुगतान न होने से ठेकेदार भी दौड़ लगा रहे हैं।
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नवंबर 2016 में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव का पुलिस लाइंस ग्राउंड में पुलिस की डायल 100 सेवा का उद्घाटन होना था। इसके लिए अफसर कई दिनों तक लगकर इस कार्यक्रम के लिए तैयारियां पूरी की थी। चूंकि सीएम का प्रोग्राम था, इसलिए भव्य पंडाल के साथ सैकड़ों कुर्सियां, मैटिंग आदि का इंतजाम भी किया गया था। इस व्यवस्था का पूरा जिम्मा पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को सौंपा गया था। अफसरों का कहना है कि सीएम के प्रोग्राम में कोई कमी न रह जाए, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने अपने फंड से पेमेंट कर दिया था। बाकी भुगतान ठेकेदारों को होना है। इस बीच विधानसभा चुनाव में तख्तापलट हो गया और अखिलेश यादव सत्ता से बाहर हो गए। इसके बाद इस प्रोग्राम पर खर्च हुए करीब 45.27 लाख रुपये का पेमेंट भी लटक गया।
चूंकि कार्यक्रम पुलिस विभाग का था, इसलिए इस भुगतान के लिए पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन के एक्सईएन वीएम शर्मा कई बार पुलिस विभाग में लिखा-पढ़ी भी कर चुके हैं लेकिन पुलिस के अफसर इस बारे में कुछ सुनने को ही तैयार नहीं हैं। पुलिस विभाग को इसका भुगतान अपने वीआईपी फंड से करना है। अब पीडब्ल्यूडी के एसई वीके तिवारी ने इस मामले में सीधे पुलिस महानिदेशक इलाहाबाद को चिट्ठी भेजकर पेमेंट मांगा है।
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पूर्व सीएम अखिलेश यादव के प्रोग्राम का पेमेंट पुलिस विभाग को करना है। एक बार फिर सारे बिल-बाउचर्स लगाकर पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा गया है। यह पेमेंट क्यों नहीं मिल रहा, इसकी कोई जानकारी नहीं है। -डीके तिवारी, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी
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