बरेली। कांग्रेस में जिला एवं महानगर अध्यक्ष पद को लेकर इन दिनों घमासान मचा हुआ है। तमाम नेता अपने अपने तौर पर जोड़ तोड़ बैठाने ने लगें हैं। पार्टी नए और तेज तर्रार चेहरों की तलाश में है, इसमें पुराने और वरिष्ठ नेता भी जोर आजमाइश कर रहे हैं।
लोक सभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी हाई कमान ने सभी जिला व महानगर की इकायां लगभग दो माह पहले भंग कर दी है। अब इसका फिर से गठन होना है। इसके लिए हर क्षेत्र में प्रभारी की नियुक्ति किए गए है। बरेली क्षेत्र की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सचिव एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी धीरज गुर्जर को दी गई है। वह पिछले दिनों यहां आए भी थे और तमाम कार्यकर्ताओं से अलग अलग बात करके उनके मन को टटोला भी है।
हालांकि पिछले दिनों के पार्टी हाई कमान ने संगठन को गति देने के लिए नए चेहरों को आगे लाने की बात कही है। खास तौर से युवाओं और महिलाओं को तवज्जों देेने की बात भी कही गई है। इसके अलावा सूत्रों से यह बात भी सामने आ रही है कि जिन पदाधिकारियों ने चुनाव में रुचि नहीं ली या उन्होंने दूसरी पार्टियों का अंदरखाने साथ दिया है ऐसे लोगों को पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर ही रखा जाएगा। इस तरह यह कयास लगाया जा रहा है कि प्रदेश भर में लगभग 90 प्रतिशत चेहरे बदल जाएंगे।
बरेली स्तर की बात करें तो यहां जिलाध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान जिलाध्यक्ष राम देव पांडेय सहित अजय शुक्ला, पूर्व प्रोफेसर अलाउद्दीन खां, पूर्व विधायक नरेंद्र पाल सिंह गंगवार, देव पाल सिंह चौहान, अभय शर्मा और अनुज गंगवार के नाम चर्चा में हैं। इसी तरह महानगर अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम मियां के अलावा मोहम्मद जकी, खालिद खां, जकीर खान आदि के नाम बताए जा रहे हैं।