बरेली। बदलते दौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी हाईटेक हो चुका है। मोदी सरकार कालाधन पर लगातार प्रहार कर रही है तो गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी गुप्त दक्षिणा स्वीकार नहीं करेगा। गुरु दक्षिणा के समय स्वयं सेवकों को अपने नाम के साथ ही ई-मेल आईडी और पता समेत पूरी डिटेल देनी होगी। साथ ही इस बार संघ का गुरु दक्षिणा कार्यक्रम समूचे बृज प्रांत में 28 जुलाई को एक साथ होगा। बरेली विभाग के अंतर्गत जिले भर में 11 सौ स्थानों पर गुरु दक्षिणा कार्यक्रम होगा, जिसमें करीब 40 हजार स्वयं सेवक शामिल होंगे।
हर वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आरएसएस गुरु दक्षिणा कार्यक्रम करता है। आयोजन करीब 15 दिन तक चलते रहते हैं। उन्होंने बताया कि अब गुरु दक्षिणा कार्यक्रम दक्षिणा की राशि को लेकर पूरी पारदर्शिता है क्योंकि सरकार और बैंक से कुछ नहीं छिपाया जा सकता। वक्त के साथ ही संघ की व्यवस्थाएं भी हाईटेक हुई हैं। अब स्वयं सेवक ऑनलाइन, चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से दक्षिणा दे सकते हैं। मगर 50 हजार से ज्यादा राशि देने वालों को बाद में अपना पैन नंबर भी देना पड़ेगा। किसी भी स्वयंसेवक से गुप्त दक्षिणा भी स्वीकार नहीं होगी और न ही उनकी फर्म या कंपनी के जरिये कोई राशि स्वीकार की जाएगी। यह गुरु दक्षिणा है इसलिए स्वयंसेवक को नकद या अपने व्यक्तिगत खाते का चेक, ड्राफ्ट अथवा ऑनलाइन ट्रांसफर करना होगा। दक्षिणा देने के समय स्वयं सेवक को अपना नाम, पता, ई-मेल आईडी, संघ में दायित्व और मोबाइल नंबर भी देना होगा।
84 वक्ता देंगे बौद्धिक वक्तव्य
इस बार बृज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 12 जिलों बरेली, शाहजीपुर (शाहजहांपुर), बहेड़ी, आंवला, बदायूं, कासगंज, हाथरस, मथुरा, आगरा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, हरीगढ़ (अलीगढ़) में 28 जुलाई को एक ही दिन गुरु दक्षिणा के कार्यक्रम होंगे। संघ के महानगर प्रचार प्रमुख आलोक प्रकाश के मुताबिक बरेली विभाग में ग्राम स्तर तक 11 सौ स्थानों पर होने वाले गुरु दक्षिणा कार्यक्रम में करीब 40 हजार स्वयं सेवक शामिल होंगे। आयोजन में करीब 84 पदाधिकारी बौद्धिक वक्तव्य देंगे, जिसके लिए प्रशिक्षण प्रक्रिया जारी है।